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शुगर जांच की स्ट्रिप भी नकली, दो कारोबारियों पर मुकदमा

Tue, 19 Jul 2016 01:20 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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थाने में मौजूद दवा टीम
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डायबिटीज के मरीजों के लिए बुरी खबर है। शहर के बाजार में शुगर की जांच करने वाले ग्लूकोमीटर की स्ट्रिप भी नकली बिक रही हैं। मुंबई से आई दवा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन की टीम ने पुलिस के साथ शहर के छह केमिस्टों की दुकानों पर छापामारी करके नकली स्ट्रिप के सैंपल कब्जे में लिए हैं। इस पर दुकानदारों ने हंगामा भी किया है। दवा कारोबारियों ने कोतवाली घेर ली। उधर, दवा कंपनी के ब्रांड प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट पंकज असहेरी की तहरीर पर दो दवा कारोबारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 
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दवा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन वन टच अल्ट्रा के नाम से ग्लूकोमीटर और स्ट्रिप बनाती है। कंपनी को पिछले कई महीने से लगातार बरेली के बाजार में नकली स्ट्रिप बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। कॉल सेंटरों के अलावा फील्ड और सेल्स टीम की रिपोर्ट में ही नकली शुगर जांच स्ट्रिप बिकने की कंपनी को जानकारी मिली थी। पिछले दो दिन से कंपनी के ब्रांड प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट पंकज असहेरी की अगुवाई में टीम बरेली में कैंप करके उन दुकानों के बारे में गोपनीय जानकारी जुटा रही थी, जिन पर नकली स्ट्रिप बिक रही थी। सोमवार को पांच दुकानें चिह्नित करके कंपनी की टीम ने एसएसपी से संपर्क करके मदद मांगी। 
कोतवाली पुलिस की टीम के साथ कंपनी के अधिकारियों ने कुतुबखाना की शास्त्री मार्केट स्थित श्रीराम इंटरप्राइजेज, इंडियन सर्जिकल और अरोड़ा सर्जिकल नाम की तीन दवा की दुकानों पर छापामारी करके उनके यहां से स्ट्रिप के सैंपल लिए। टीम ने इसके अलावा सर्जिकल कारपोरेशन ऑफ इंडिया, सिकलापुर और अल्पना मेडिकोज चौपुला रोेड पर छापा मारकर शुगर चेक करने वाली स्ट्रिप कब्जे में ले लीं। पुलिस और दवा कंपनी के अधिकारियों की अचानक छापामारी से कारोबारियों में हड़कंप मच गया। इससे खफा होकर ड्रग एंड केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी कोतवाली पहुंच गए। काफी देर तक हंगामा होता रहा।
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दवा कारोबारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई ठीक नहीं है। सीओ सिटी प्रथम सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि कंपनी के अधिकारी की तहरीर पर अरोड़ा सर्जिकल और अल्पना मेडिकोज मेडिकल स्टोर के मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद कब्जे में ली गई शुगर जांच स्ट्रिप को फोरेंसिक लैब भिजवाया जा रहा है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद मुकदमे में चार्जशीट लगा दी जाएगी।  
नकली स्ट्रिप बताएगा गलत रिपोर्ट, खतरे में जान 
अभी तक चिकित्सा के क्षेत्र में दवाआें के नकली होने की खबर मिलती थी। लेकिन अब शुगर स्ट्रिप पर भी सवाल उठ रहे हैं। सोमवार को पुलिस और एक कंपनी ने नकली शुगर स्ट्रिप बेचने वाले पकड़े तो लोग हैरत में आ गए। दरअसल, डायबिटीज की जांच करने वाली तमाम कंपनियों की शुगर स्ट्रिप उच्चस्तरीय केमिकल और तकनीक से बनती हैं। अगर स्ट्रिप नकली होगी तो जांच रिपोर्ट गलत आएगी और जान खतरे में पड़ सकती है। बताते हैं कि स्ट्रिप स्काटलैंड और कोरिया जैसे देशों में बनती है।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अजय मोहन अग्रवाल कहते हैं कि जिन कंपनियों के शुगर स्ट्रिप ज्यादा बिकते हैं उनका इस्तेमाल बिना कोडिंग स्ट्रिप के नहीं कर सकते। जिस कंपनी की मशीन होगी स्ट्रिप भी उसी कंपनी की लगेगी। स्ट्रिप के पैकेट में एक स्ट्रिप ऐसी होती है जिसे पहले मशीन में लगाकर कोड लगाते हैं तब जाकर अन्य स्ट्रिप आगे काम करती हैं। डॉ. अग्रवाल बताते हैं कि बाजार में ऐसे ही पता लगाना कि कौन सी स्ट्रिप असली है और कौन नकली यह कठिन है। लेकिन बाजार में चीन से आए स्ट्रिप को लेकर लोगों में संदेह है। कारोबार करने वाले कुछ व्यापारियों ने बताया कि यह स्ट्रिप स्काटलैंड और कोरिया समेत कई अन्य देशों में बनती है। इसके दाम भी डॉलर के हिसाब से ऊपर नीचे होते हैं। 
छापामारी से भड़के  दवा कारोबारी
जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के अधिकारियों की टीम के साथ पुलिस की अचानक छापामारी से दवा कारोबारियों में आक्रोश है। दवा कारोबारियों ने छापामारी की विरोध करते हुए हंगामा किया। सारे दिन की जद्दोजहद के बाद तहरीर बदल दी गई। पुलिस का कार्यप्रणाली पर भी दवा कारोबारी सवाल खड़े कर रहे हैं। दवा कारोबारियों का आरोप है कि पुलिस को इस तरह कंपनी के लोगों के साथ छापामारी करने के लिए मेडिकल स्टोर पर नहीं आना चाहिए था। दवा कारोबारियों ने कंपनी का विरोध करने का भी एलान किया। 
सोमवार को कंपनी के अधिकारियों की टीम पुलिस को लेकर जैसे ही शास्त्री मार्केट में घुसी दवा कारोबारियों में हड़कंप मच गया। दवा कारोबारियों का कहना था कि इस तरह मेडिकल स्टोरों पर कभी छापामारी नहीं की गई। मेडिकल स्टोरों से शुगर स्ट्रिप लेने के  बाद टीम जैसे ही कोतवाली पहुंची दवा कारोबारियों की गेट पर भीड़ लग गई। ड्रग एंड केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी विजय मूलचंदानी ने सीओ सिटी से मिलकर अपना पक्ष भी रखा। मुंबई से आए दवा कंपनी के अधिकारियों से उनकी नोंकझोंक भी हुई। कोतवाली में ही दवा कारोबारियों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। देर शाम तक व्यापारी कोतवाली में ही जमे रहे। दवा कंपनी के अफसरों ने पहले पांच मेडिकल स्टोरों के नाम तहरीर में रखे थे। बाद में व्यापारियों के दबाव में कंपनी के अधिकारियों ने तहरीर बदलकर दो मेडिकल स्टोर के मालिक पर मुकदमा लिखा दिया।       
व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के सामने सील कराए स्ट्रिप
व्यापारियों ने कब्जे में ली गई स्ट्रिप को पुलिस व प्र्रशासन के सामने सील करवाया। ड्रग व केमिस्ट एसोसिएशन के विजय मूलचंदानी ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों ने पुलिस का इस्तेमाल करके गलत काम किया है। उन्हें किसी प्रकार की जांच का अधिकार नहीं है वह प्रापर तरीके से औषधि विभाग को साथ लेकर यह काम करें। बिना जांच की रिपोर्ट आए बिना नमूने को गलत कैसे गलत ठहरा सकते हैं। 
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