खासी बुखार की दवा लेकर आई महिला को सास की चावल न खाने फटकार ऐसी नागवार गुजरी कि उसने रेलवे लाइन पर जाकर ट्रेन से कटकर जान दे दी। उसने अपने एक साल के बेटे की भी परवाह नहीं की और उसे सास को सौंपकर वह आत्मघाती कदम उठाने चल पड़ी। पुलिस ने रेलवे ट्रैक से शव बरामद कर पोस्टमार्टम कराया है। महिला के पिता ने ससुरालियों पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने पति को हिरासत में ले लिया है।
मामला सीबीगंज के बल्ला कोठा गांव का है। गांव का जमुना प्रसाद प्राइवेट फैक्ट्री में मजदूरी करता है। शनिवार सुबह आठ बजे वह मजदूरी करने चला गया। उसकी 22 वर्षीय पत्नी सोमवती और एक साल के बेटे शिवा को खासी बुखार आ रहा है। दवा गांव के ही डॉक्टर से चल रही है। सोमवती शनिवार शाम डॉक्टर से दवा लेकर आई थी। घर आकर वह चावल खाने लगी। इस पर सास श्याम कली ने सोमवती से दवा चलने के दौरान चावल खाने से मना किया। बताया जा रहा है कि इस पर सोमवती झल्ला उठी और बेटे को श्याम कली की गोद में रखकर घर से निकल पड़ी। वह रेलवे लाइन की तरफ गई। यहां रेलवे केबिन मैन ने उसे लाइन के पास भटकते हुए देखा। इसके बाद सोमवती ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रेलवे स्टेशन मास्टर की सूचना पर सीबीगंज पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम में ट्रेन से कटकर मौत होने की पुष्टि हुई है।
उधर, सोमवती के पिता हरप्रसाद निवासी मिलक (रामपुर) के गांव परम निवासी हरप्रसाद का कहना है कि उसने अपनी बेटी की शादी तीन साल पहले जमुना प्रसाद से की थी। दहेज में बाइक और 50 हजार की नकदी को लेकर सोमवती को प्रताड़ित किया जाता था। हर प्रसाद का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ही उसकी बेटी की हत्या की गई है। एसओ कमल सिंह यादव ने बताया कि हरप्रसाद की तहरीर पर सोमवती के पति जमुना प्रसाद और उसके परिवार के नन्हें, ठाकुरदास, खेमा कली के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा लिख लिया गया है। चूंकि मामला दहेज हत्या का है इसलिए इसकी विवेचना सीओ द्वितीय को सौंपी गई है। पुलिस ने जमुना प्रसाद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उसका कहना था कि वह तो सुबह ही मजदूरी करने निकल गया था। रात में आया तो उसे सोमवती की मौत की जानकारी हुई।