बरेली/मीरगंज। अभी तक हाईवे पर दौड़ रहे वाहन सुरक्षा के अभाव में बदमाशों के निशाने पर होने से महफूज नहीं रहते थे, लेकिन अब वसूली के चक्कर में पुलिस वाले ही वाहनों से लूटपाट कर रहे हैं। ऐसा ही मीरगंज क्षेत्र में हुआ। गोवंशीय पशुओं से भरी गाड़ी के शक में वसूली के चक्कर में अनुबिस पुलिस चौकी के सिपाहियों ने धान से भरे ट्रक का पीछा किया। चालक के ट्रक न रोकने पर सिपाहियों ने फायरिंग कर टायर पंचर कर ट्रक का शीशा क्षतिग्रस्त कर दिया। चालक और हेल्पर को केबिन से खींचकर पिटाई करते हुए 27 हजार रुपये लूट लिए। मामला तूल पकड़ने पर एसओ ने सिपाहियों से 50 हजार रुपये दिलाकर चालक हेल्पर पर समझौते का दबाव बनाया।
शहामतगंज के ट्रांसपोर्टर शिव कुमार के दस टायरा ट्रक पर पीलीभीत के रूपपुर कमालू निवासी महेश चंद्र चालक है और उसी के गांव का रहने वाला नीतीश हेल्पर है। बृहस्पतिवार रात चालक महेश चंद्र बनारस से धान भरकर रामपुर जिले के कस्बा कैमरी ले जा रहा था। शुक्रवार सुबह पांच बजे ट्रक जैसे ही दिल्ली नेशनल हाईवे पर स्थित अनुबसि चौकी से गुजरा तो दो सिपाहियों ने गौवंशीय पशु भरे होना समझकर वसूली के चक्कर में ट्रक का बाइक से पीछा शुरू कर दिया। ट्रक रोकने को सिपाहियों ने फायरिंग की। एक फायर से ट्रक का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि दूसरे फायर से टायर पंचर हो गया और ट्रक रुक गया। चालक महेश चंद्र के मुताबिक ट्रक के रुकते ही सिपाहियों ने चालक हेल्पर को खींचकर पीटा और उनसे 27 हजार रुपये लूट लिए। सिपाहियों के जाने के बाद दोनों पीड़ित थाने पहुंचे और घटना की सूचना दी। साथ ही जानकारी पर ट्रक मालिक शिव कुमार भी पहुंच गए। उन्होंने सीओ से बात कर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। सीओ और एसओ ने घटना स्थल का निरीक्षण तो किया, लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी। आरोप है कि एसओ सतीश यादव सिपाहियों का ही पक्ष लेते हुए 50 हजार रुपये लेकर चालक पर समझौता करने का दबाव बनाते रहे।
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ट्रक पर तिरपाल लगा होने के कारण उसमें पशु होने की आशंका थी। सिपाहियों ने बैरियर लगाकर गाड़ी रोकना चाही तो चालक ने स्पीड और बढ़ा दी। इस पर शक और गहराया तो सिपाहियों ने पीछा करके ट्रक रोका। हुज्जत के दौरान डंडा मारने से ट्रक का शीश टूट गया। तलाशी लेने पर जानवर न पाए जाने पर ट्रक को छोड़ दिया था। फायरिंग और लूट की बात गलत है।
- बृजेश श्रीवास्तव, एसपी देहात
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ट्रक मालिक या उसके चालक-परिचालक की तरफ से कोई तहरीर नहीं आई है। अब तक की जांच में सिर्फ डंडा मारने से ट्रक का शीशा टूटने की बात सामने आई है। पशु भरे होने के शक में सिपाहियों ने ट्रक को रोका था। लूट और फायरिंग की बात बेबुनियाद है।
- सिद्धार्थ वर्मा, सीओ मीरगंज
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सिपाहियों की सरकारी रायफल से कोई फायर नहीं हुआ है। दोनों को आवंटित सभी कारतूस पूरे हैं। ट्रक की तलाशी लेने का विरोध करने पर सिपाहियों ने ड्राइवर को थप्पड़ मार दिया था।
-सतीश यादव, एसओ थाना मीरगंज।