झांसी। नवाबाद थानांतर्गत कंबल मिल क्षेत्र स्थित मकान में करीब तीन वर्ष से नकली ब्रांडेड शराब बनाने का धंधा चल रहा था। शराब माफियाओं के भय के चलते आसपास के लोग मुंह खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। पुलिस ने छापे में बरामद नकली शराब व सामान को पुलिस ने मकान के साथ सील कर दिया है।
एसएसपी ने बताया कि इस धंधे में लिप्त लोगों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाएगी। तीन वर्ष में अर्जित की गई संपत्ति को जानकारी करके कुर्क कराया जाएगा।
आसपास के लोगों ने पुलिस को बताया कि मकान के अंदर चौबीसों घंटे शराब बनाने का काम चलता था। इन लोगों का क्षेत्र में इतना खौफ है कि शिकायत करना तो दूर, कोई इनके खिलाफ मुंह तक नहीं खोलता था।
चौबीसों घंटे शराब की दुर्गंध आती रहती थी। जिस तरह धंधा चल रहा था उससे लगता था कि इन लोगों की पहुंच ऊपर तक है, मिलीभगत से यह धंधा चल रहा है, जिससे सभी लोग इनसे डरते थे।
प्रतिदिन बनती थी पांच लाख रुपये की शराब
एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए तीनों लोगों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि मकान में केवल शराब बनाने का काम होता था। प्रतिदिन औसतन पांच लाख रुपये की शराब बनाई जाती थी, जिसकी सप्लाई न सिर्फ झांसी बल्कि आसपास के जिलों में भी की जाती थी।
पुलिस ने चार दुकानों पर छापे मारे
धरपकड़ के बाद पुलिस ने सबसे पहले महादेव की जेल चौराहा स्थित दुकान पर छापा मारा, वहां नकली शराब बरामद हुई। महादेव ने बताया कि हिम्मत शिवहरे पुत्र सरजू प्रसाद निवासी मिशन कंपाउंड, सीपरी बाजार की जीवनशाह तिराहा स्थित शराब की दुकान में रवि राय अघोषित साझेदार है।
नकली शराब की सप्लाई वहां भी की जाती है। इसके बाद पुलिस ने जीवनशाह की दुकान पर जांच पड़ताल की। वहां नकली शराब पाई गई। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज और चिरगांव स्थित एक-एक दुकानों पर भी छापे मारकर जांच पड़ताल की गई।
आबकारी विभाग पर लगाया सवालिया निशान
एसएसपी के सामने पकड़े गए शराब कारोबारी महादेव प्रसाद शिवहरे ने आबकारी विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाया। पूछताछ करने के दौरान महादेव प्रसाद ने उल्टा सवाल दागा कि उसे बताया जाए कि किस दुकान पर असली ब्रांडेड शराब बिक रही है।
जब आबकारी विभाग ने कोटा ही निर्धारित नहीं किया है, तो उनसे कोई पूछने वाला नहीं है। वह पूरे वर्ष चाहे 100 रुपये की शराब बेचें या फिर नहीं बेचें।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं शराब बनाने वाले
ऐसा नहीं है कि शहर में पहली दफा नकली शराब बनाने का खुलासा हुआ हो। कई बार शराब बनाते लोग पकड़े गए। पुलिस ने कार्रवाई की, मगर आबकारी विभाग की लापरवाही से हालात जस के तस हैं।
कोतवाली पुलिस ने 22 दिसंबर को पंचवटी कालोनी बाहर उन्नाव गेट में छापा मारकर मुन्नालाल के पुत्र अरविंद जैसवाल व रिंकू जैसवाल को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 190 लीटर ओपी, 181 देसी शराब झूम के क्वार्टर, मध्यप्रदेश की 18 बोतल इंपीरियल ब्लू व दो किलो यूरिया बरामद किया था।
इसके अलावा पूर्व में भी नकली शराब बनाने का भंडाफोड़ हुआ था। कुछ समय तक यह कारोबार बंद रहा, इसके बाद फिर शुरू हो गया।
खुलेआम जगह-जगह बिक रही कच्ची शराब
शहर में खुलेआम कच्ची शराब की बिक्री हो रही है। सुबह से शाम ढलने तक जगह-जगह महिलाएं और बच्चे बोरी में प्लास्टिक की थैली में भरी शराब बेचने के लिए अपने निर्धारित ठिकानों पर पहुंच जाते हैं। राहगीर निकलते रहते हैं और लोग बीच सड़क पर शराब पीते रहते हैं।
इन रास्तों से न सिर्फ पुलिस बल्कि आबकारी विभाग के अधिकारी भी गुजरते हैं मगर किसी पर कोई कार्रवाई नहीं होती। जब- तब आबकारी विभाग व पुलिस छापा मार कर कार्रवाई करती है, लेकिन बाद में यह धंधा बदस्तूर जारी रहता है।
यह रहे पुलिस टीम में
डीजीपी से 50 हजार रुपये का पुरस्कार पाने वाली टीम में एएसपी सोमेन वर्मा व अमित कुमार, स्वॉट टीम प्रभारी विक्रम सिंह, प्रेमनगर थानाध्यक्ष दीपक मिश्रा, नवाबाद थानाध्यक्ष अरविंद कुमार, राजीव वैस, बृजमोहन यादव, रामनरेश यादव, पातीराम, शत्रुंजय प्रताप सिंह, नरेंद्र पाल, वीर सिंह, चंद्रशेखर, यादव, मनोज कुमार, अंजुल यादव, धीरेद्र कुमार, देवेंद्र कुमार, देवेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, राकेश कुमार, धनीराम, संजीव कुमार हैं।