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सरकारी अफसर बनकर जाइलो से कर रहे थे स्मैक तस्करी

Sun, 31 Jul 2016 01:08 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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तस्‍ककरी
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जाइलो कार पर आगे उत्तर प्रदेश सरकार का बोर्ड और पीछे यूपीएफ ( वन विभाग) लिखवाकर स्मैक की तस्करी हो रही थी। शनिवार को पुलिस ने चेकिंग के दौरान तस्करों के इस नए पैंतरे को पकड़ा। बकौल पुलिस गिरोह का एक सदस्य तो पकड़ लिया गया लेकिन सरगना चकमा देकर फरार हो गया गैंग के तीसरे सदस्य को बाद में पुलिस ने नामजद किया। पचास लाख का स्मैक बरामद किया गया है। पकड़ा गया तस्कर शाहजहांपुर के तिलहर कस्बे का है। 
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पुलिस की कहानी के मुताबिक शनिवार सुबह रेलवे जंक्शन के सामने कैंट को जाने वाले रोड पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर ने उधर से एक लाल रंग की जायलो कार में स्मैक तस्करों के जाने की सूचना दी। इस पर अलर्ट हुई पुलिस ने मनोरंजन सदन के पास कार रोक ली। पुलिस को देखकर कार चला रहे व्यक्ति ने गाड़ी मोड़कर भागने की कोशिश की। इसी बीच पुलिस ने दौड़कर ड्राइवर सीट के बराबर में बैठे व्यक्ति को दबोच लिया। मगर कार चलाने वाला मौके से भागने में कामयाब हो गया। तलाशी लेने पर कार में पांच सौ ग्राम स्मैक मिली, जिसकी कीमत 50 लाख रुपये बताई जा रही है। पकड़ा गया तस्कर शाहजहांपुर के तिलहर कस्बे का हसीब उर्फ दूधिया है। पुलिस ने उसे कोतवाली ले जाकर पूछताछ की तो पता चला कि मौके से भागने वाला गैंग लीडर तिलहर कस्बे का ही शाहनूर है। बरामद कार भी शाहनूर के नाम है, जो हसीब का पड़ोसी  है। गैंग में फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र के गांव कादरगंज निवासी जिलानी पुत्र मजीद भी है। एसपी सिटी समीर सौरभ ने बताया कि टीम को एसएसपी ने पुरस्कार देने की भी घोषणा की है। 

राजस्थान से आती थी
पुलिस को पूछताछ के दौरान तस्कर हसीब ने बताया कि बरामद स्मैक राजस्थान से आठ लाख रुपये में शाहनूर और जिलानी लाए थे। यहां स्मैक की सप्लाई बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं पीलीभीत और आसपास के जिलों में जाती है। कोतवाली पुलिस तस्करों का नेटवर्क तलाश रही है।  
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