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एक सप्ताह में दूसरी संवासिनी गायब

Tue, 26 Jul 2016 01:14 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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नारी निकेतन से संवासनियों के भागने का सिलसिला थम नहीं रहा है। एक के बाद एक लड़कियां नारी निकेतन का गेट और दीवार फांदकर भाग रहीं हैं। लड़कियों के भागने की इन घटनाओं से स्पष्ट है कि यहां की प्रशासनिक व्यवस्था इन संवासनियों का कहीं न कहीं उत्पीड़न कर रही है। रविवार की सुबह 30 वर्ष की एक संवासिनी पिछला दरवाजा कूदकर भाग गई। एक संवासिनी एक सप्ताह पहले भी भाग गई थी जिसे अबतक ढूंढा नहीं जा सका है। एक सप्ताह में दूसरी संवासिनी के भागने से नारी निकेतन की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए। बारादरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराकर यहां के प्रशासनिक तंत्र ने एक बार फिर औपचारिकता पूरी कर ली है।
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नारी निकेतन का मेनगेट थाना प्रेमनगर के सामने है। इसके पीछे की तरफ भी एक छोटा गेट है। उसकी ऊंचाई कम है। रविवार की सुबह 30 वर्षीय एक संवासिनी नारी निकेतन से भाग गई। बताया जा रहा है कि वह पिछला दरवाजा कूदकर सुबह आठ बजे बाहर निकली है। एक सप्ताह पहले 35 वर्षीय संवासिनी इसी दरवाजे से कूदकर भाग गई थी। इसे और उसे दोनों  को मानसिक रूप से कमजोर बता दिया गया। 
नारी निकेतन ही अधीक्षिका नीलोफर खान इस मामले में कुछ कहने से बच रही हैं। उनका कहना है कि गैलरी का पिछला गेट ऊंचा कराने के लिए आला अफसरों को पत्र लिख दिया गया है। पत्र में भागने का खतरा भी बता दिया है। गेट ऊंचा होने के बाद ही रोका जा पाएगा।
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यहां की संवासिनी मुंबई तक भाग चुकी हैं
नारी निकेतन की कार्यप्रणाली को लेकर प्रशासनिक अधिकारी गंभीर नहीं हैं। यही वजह रही है कि करीब एक साल पहले यहां की तीन संवासिनी भाग गईं। उनको नारी निकेतन के अंदर मोबाइल मुहैया कराया गया था। जिसके माध्यम से उनके बाहर के लोगों से  संबंध हो गए। बाद में वह मुंबई तक चली गईं थीं। इस घटना के बावजूद प्रशासन की ओर से इस ओर र्कोई ध्यान नहीं दिया गया। गेट को ऊंचा करने के प्रयास नहीं हुए। यहां घटिया खान पान की व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं।  
डीपीओ को नहीं पता यहां क्या हो रहा है
बरेली। जिला प्रोबेशन अधिकारी ऊषा तिवारी को पता नहीं है कि उनके नारी निकेतन से 30 वर्षीय युवती गायब हो गई है। उनका कहना है कि वह दोपहर बाद लखनऊ के लिए बरेली से चलीं हैं, तब तक नारी निके तन से किसी भी संवासिनी के गायब होने की जानकारी नहीं दी गई है। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि यहां की व्यवस्था के प्रति प्रशासन तंत्र गंभीर नहीं है।
हाईकोर्ट के आदेश पर नीलोफर को मिला चार्ज
प्रशासन के आला अधिकारी पिछले करीब दो साल से किशोर सुधार गृह (बच्चा जेल) के शिक्षक आनंद पाल सिंह के पास नारी निकेतन के अधीक्षक का चार्ज था। हाईकोर्ट ने इस पर यह कहते हुए  आपत्ति कर दी कि पुरुष नारी निकेतन का अधीक्षक नहीं रह सकता है। इस पर एक महीने पहले ही हाईकोर्ट के आदेश पर नीलोफर को चार्ज मिला है।
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