फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब आरबीआई गवर्नर के नाम से ठगी

Sat, 23 Jul 2016 01:32 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
कभी ई-मेल पर तो कभी एसएमएस से लाटरी निकलने और बकाया राशि क्लेम संबंधी संदेश लगातार लोगों तक पहुंच रहे हैं। हर दिन कोई ना कोई इस साइबर ठगी का शिकार हो रहा है। अब ठगों ने सीधे गवर्नर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया नाम से मेल भेजना शुरू कर दिया है।  आरबीआई इस मामले में हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
विज्ञापन

नई दिल्ली स्थित आरबीआई कार्यालय विदेश विनिमय अंतरण विभाग नाम से तमाम लोगों को मेल पहुंच रही हैं, इसमें करोड़ोें रुपये क्लेम करने का आग्रह किया गया है। आरबीआई गवर्नर रघुराजन नाम से जारी मेल में कहा गया है कि पुरानी पुश्तैनी रकम ब्रिटिश सरकार के पास पड़ी है। एक समझौते में ब्रिटिश सरकार ने सभी पुरानी देनदारियां भुगतान करने पर सहमति दे दी है। भुगतान आरबीआई माध्यम से होगा। इसलिए पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर, व्यवसाय, देश, बैंक नाम और खाता, ई-मेल आदि ब्योरा तत्काल अमुक मेल पर उपलब्ध कराएं।
वीर सावरकर नगर निवासी आरके गौड़ के एक मेल पास आया। मेल में 4.36 करोड़ रुपये पुरानी अज्ञात धनराशि क्लेम करने का आग्रह किया गया था। गौड़ के कान खड़े हो गए क्योंकि आरबीआई गवर्नर रघुराजन के नाम से मेसेज फोटो सहित था। दिए मेल पते और फोन पर संपर्क किया गया तो कोई उत्तर नहीं मिला। गौड़ ने बताया कि उनके खानदान का कोई धन किसी देश में नहीं है। इसलिए मेल फर्जी और ठगी करने के लिए आया था, इस मामले में वे आरबीआई और वित्त मंत्रालय संपर्क कर रहे हैं, जिससे साइबर ठग पर कानूनी कार्रवाई हो सके।
विज्ञापन

एसबीआई ब्रांच पर एक लड़की पहुंची और 25 हजार रुपये किसी खाते में ट्रांसफर करने का आग्रह किया। भीड़ ज्यादा होने पर कैशियर से मदद मांगते हुए कहा कि अमुक खाते में तुरंत ही धन पहुंचना जरूरी है। बैंक कर्मी ने मदद करते हुए 25 हजार रुपये तुरंत अमुक खाते में जमा करा दिए। दो दिन बाद वह लड़की फिर बैंक पहुंची और आग्रह कि जमा करायी धनराशि कैसे वापस होगी? बैंक कर्मी ने बताया कि ऐसा संभव नहीं है, तब पूरी कहानी सामने आयी कि उसके साथ  ठगी हो चुकी है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें