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पुलिस की कहानी पर सवाल, अब होगी मजिस्ट्रेटी जांच

Fri, 02 Sep 2016 01:40 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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सैंजना गांव में तीन लड़कियों की मौत और उसके बाद राजू शर्मा का शव मिलने के प्रकरण में पुलिस की कहानी पर परिजनों की ओर से उठाए गए सवालों के बाद डीएम ने पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश कर दिए हैं। उन्होंने इस प्रकरण में मीरगंज के एसडीएम से पंद्रह दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। गुरुवार दोपहर कलक्ट्रेट में सैंजना गांव की तीनों की लड़कियों के पीड़ित परिजन डीएम पंकज यादव से मिले। पीड़ित परिवार ने अपना पक्ष डीएम के सामने रखा और कहा कि पुलिस की कहानी उन्हें हजम नहीं हो रही है। इसलिए हमें न्याय दिलाएं। इस दौरान डीएम ने परिजनों से करीब पंद्रह मिनट तक पक्ष सुना और उनके आवेदनपत्र पर ही मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश कर दिए। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटियां गांव और आसपास शराब का अवैध कारोबार करने वाली माफिया के लोगों की हबश का शिकार हुईं हैं। उन्हीं के इशारे पर पुलिस ने जांच को डाइवर्ट किया है। आरोपी पहले भी शराब के अवैध कारोबार में जेल जा चुके हैं लेकिन अब तो इलाके की पुलिस उन्हीं के इशारे पर काम कर रही है।
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शुरू से ही पुलिस की भूमिका संदिग्ध
परिवार वालों का आरोप है कि शुरू से ही पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है। 26 अगस्त को तीनों बेटियां दोपहर 12 बजे शौच के लिए गईं थी। एक घंटे तक वह लौटकर नहीं आई तो गांव में तलाशा गया, नहीं मिली। शाम को थाने की पुलिस को खबर करने के साथ-साथ  तहरीर भी दी थी लेकिन उस पर कोई कारवाई नहीं की गई।यदि पुलिस शुरू में ही गंभीर हो गई होती तो शायद उनकी बेटिया जीवित मिल जाती। पुलिस ने तो हमको यह कहकर टरका दिया कि रात में ढूंढ लो, अगर न मिलें तो अगले दिन रिपोर्ट दर्ज करा देना। 
राजू के पुलिस ने ही लिखाई रिपोर्ट
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने राजू के खिलाफ  हमसे रिपोर्ट दर्ज दर्ज कराई है। उसके बाद अब राजू का शव मिला है। उनको आशंका है कि लड़कियों के साथ हुए घटनाक्रम का राजू चश्मदीद गवाह हो सकता है। इसीलिए उसकी भी हत्या कर दी होगी। हत्या के बाद उसके पास जहर की शीशी दिखा दी, जिससे कि स्पष्ट हो जाए कि राजू ने आत्म हत्या की है।
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राजनेताओं को भी हजम नहीं हो रहा सैंजना कांड का खुलासा
बरेली। सैंजना की तीन लड़कियों और राजू की मौत के मामले में राजनेता भी पुलिस क ी भूमिका और खुलासे पर सवाल उठा रहे हैं। उन्हें भी पुलिस का यह खुलासा हजम नहीं हो रहा है। आंवला के सांसद और क्षेत्र के विघायक सुल्तान बेग ने तो साफ-साफ कह दिया है कि पुलिस की कहानी पर उन्हें विश्वास नहीं है। सांसद ने सीबीआई जांच कराने की मांग की है। दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार शनिवार को  गांव में पहुंचकर पूरी जानकारी करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट करेंगे।
आंवला के सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने मीरगंज थाना क्षेत्र के सैजना गांव में तीन लड़कियों और एक युवक की मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा है कि वह इसके लिए गृह मंत्री को लिखेंगे। बोले- यह बड़ी घटना है लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली से लगता है कि वह इसको गंभीरता से नहीं ले रही है। जिस तरह से तीन लड़कियों की मौत एक साथ डूबने से हुई है, उसको आसानी से आत्महत्या मान लेना मुनासिब नहीं होगी। उनकी मौत के बाद एक युवक की मौत से तो यह मामला और गंभीरता से पुलिस को लेना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है इसलिए सच्चाई सामने आने के लिए इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
मीरगंज के विधायक सुल्तान बेग का कहना है कि यह खुलासा गले नहीं उतर रहा है, इसलिए इस मामले में दूसरी निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए। जिससे कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। वह कहते हैं कि इस प्रकरण में कोई राजनीति न करें, जांच हो और परिवार वालों की मदद की जाए।
केंद्रीय मंत्री शनिवार को तोड़ेंगे चुप्पी
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि वह शनिवार को सुबह गांव जाएंगे। उससे पहले मीरगंज नगर पंचायत के अध्यक्ष से भी कहा है कि वह जानकारी जुटाएं। गांव में पहुंचकर और पूरी पड़ताल के बाद ही कुछ कह सकूंगा। उन्होंने कहा कि जब तक इस मामले में पूरी तरह से जानकारी न कर लूं तब तक कुछ कहना ठीक नहीं होगा।
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