रसूखदारों और कई कालोनाइजरों ने सेटेलाइट से बैरियर टू तक हरित पट्टी लीलने का काम शुरू किया है। महीने भर में वन विभाग के हजारों पौधे दबाकर या तो मिट्टी डाल दी गई या निर्माण कर लिया गया। एक प्रभावशाली शख्स ने तो वन विभाग की नर्सरी के बीच से नई कालोनी का रास्ता डाल दिया। इससे तमाम महंगे पौधे नष्ट हो गए। दो भागों में बंटी नर्सरी का एक हिस्सा अब सिंचाई से भी महरूम है। शिकायत पर जांच की औपचारिकता हुई। फिर प्रतीक कुमार अग्रवाल के नाम केस दर्ज कर लिया गया। अग्रवाल ने निर्धारित पच्चीस हजार रुपये जुर्माना दिया तो मामला रफा दफा हो गया। रेंजर ओपी सिंह ने बताया कि इसी तरह की शिकायतों पर उन्होंने केके अग्रवाल, अवधेश पटेल और चरन कमल सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। सभी से जुर्माना वसूल किया गया है। इसके आगे की कार्रवाई हमारे अधिकार में नहीं है।
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पीलीभीत बाईपास की हरित पट्टी आरक्षित या संरक्षित वन क्षेत्र में नहीं आती। हालांकि यह वन विभाग की संपत्ति है। इस पर अतिक्रमण की स्थिति में विभागीय केस दर्ज करके जुर्माना वसूलने का प्रावधान है, जो किया जा रहा है।- धर्म सिंह, डीएफओ