बुलंदशहर की गैंगरेप की वारदात के बाद डीजीपी के आदेश पर यूपी पुलिस पंखियों की तलाश में लगी हुई थी। इसी बीच फरीदपुर पुलिस ने क्राइम ब्रांच की मदद से पंखिया अन्तर्जनपदीय गैंग के तेरह शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है। लुटेरों के पास से एक सफारी कार भी बरामद हुई है। पूछताछ के दौरान गैंग ने शीशगढ़ की डकैती समेत 11 वारादातें कबूली हैं। ये बदमाश हरदोई, सीतापुर, पीलीभीत, लखनऊ, शाहजहांपुर जिलों में भी वारदात करते हैं।
एसएसपी आरके भारद्वाज ने पुलिस लाइंस सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रभारी निरीक्षक फरीदपुर अख्तर सज्जाद के नेतृत्व में एसएसआई अजय कुमार सिंह और एसआई चेतराम सिंह की दो टीमों को पंखिया गैंग के बदमाशों की तलाश में लगाया गया था। एसपी देहात यमुना प्रसाद और सीओ नीति द्विवेदी के निर्देशन में ये टीमें काम कर रहीं थी। वाहन चेकिंग के दौरान गैंग के बदमाश पकड़ में आ गए। वह पीलीभीत में घटना करने जा रहे थे। पांच महीने पहले बिहार में घटना के दौरान इसी गैंग के लुटेरे मारे गए थे। इस गैंग ने तीन जुलाई की रात हरदोई के थाना लोनार के निजामपुर गांव में लूट के दौरान शिवानी गंगवार नाम की लड़की की हत्या कर दी थी। इसके अलावा फर्रुखाबाद की चार और शाहजहांपुर की तीन चोरी की घटनाओं का भी खुलासा किया।
यह हैं पकड़े गए बदमाश
थाना फतेहगंज पूर्वी के नगरिया गांव का आलिम, इसी गांव का सद्दाम और कन्हई लाल,असलम और शाहजहांपुर के थाना जैतीपुर के खेड़ा बझेड़ा गांव के सरमीन खां, सुभाषनगर के मिलक रौंधी का शमशुल, हनीफ उर्फ अलीम इसी गांव का जावेद शामिल हैं। इसके अलावा जिला फर्रुखाबाद के थाना शमशाबाद के ग्राम चितार के रहने वाले निशार अहमद, दिलशाद आजाद, शाहजहांपुर के थाना मिर्जापुर ग्राम डींगरपुर कैलाश और इसी जिले के थाना कलान के रामसेवक पंखिया गैंग के शातिर अपराधी हैं। पुलिस पकड़े गए अपराधियों को रिमांड पर लेकर और भी पूछताछ करेगी।
बरामदगी
एक लाख रु पये, छह देशी तमंचे इनमें एक 12 बोर का है। बाकी 315 बोर के और 15 कारतूस। दो लोहे के सरिये, एक मोबाइल, एक मंगलसूत्र, दो चूड़ी, एक जोड़ी पायल।
एक ही मोबाइल इस्तेमाल करता था
यह पंखिया गैंग चार पहिया वाहन साथ में लेकर चलता है। कन्हई लाल उनकी सफारी कार का चालक है। हाईवे किनारे के गांव के अच्छे घरों को टारगेट बनाते हैं। घर में घुसने के बाद परिवार के लोग जाग जाते हैं तो उनके साथ मारपीट करने लगते हैं। वारदात के लिए हत्या तक भी कर देते हैं। घटना से पहले इस गैंग के सदस्य दिन में रेकी करते हैं। एकांत के घरों को चिहिन्त करने के बाद रात में कुछ लोग अंदर चले जाते हैं। बाकी बाहर निगाह रखते हैं। घटना के समय गैंग सिर्फ एक ही मोबाइल गाड़ी के चालक को बुलाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। जेवर घर में घुसने वालों के हिस्से में रहता है। नकदी में सभी को हिस्सा मिलता है।
बरेली की इन घटनाओं का हुआ खुलासा
1. एक मई को शीशगढ़ के मोहल्ला रामलीला ग्राउंड के सामने मोहन स्वरूप गुप्ता भट्टे वालों के यहां 27 लाख की डकैती हो गई थी। चैनल का ताला तोड़कर बदमाश उनके घर में घुसे थे। दूसरी मंजिल के दोनों बेटे नीचे न आ पाएं। इसलिए लुटेरों ने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया था।
2. किला थाना के बाकरगंज में एक जून को शांति देवी के घर में घुसकर बदमाश हजारों का माल समेट ले गए थे। इस घटना को भी पंखिया गैंग ने करना स्वीकार किया है।
3. 24 जून की रात को डीडीपुरम में बैंक कर्मी के संदीप अग्रवाल के घर में घुसकर कैमरा आदि चुरा ले गए थे।