आलमपुर जाफराबाद के सिरोही गांव में महीने भर तालाब खुदाई कराने के बावजूद मनरेगा मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया बल्कि पैसा मांगने पर उनको धमका दिया गया। शिकायत के लिए अफसरों के पास जाने पर झूठे मुकदमे मेें फंसाने की धमकी दी। सोमवार को दोपहर विकास भवन पहुंचकर मजदूरों ने डीआरडीए के परियोजना निदेशक से इसकी शिकायत की। उन्होंने बीडीओ को जांच के आदेश दिए हैं।
सिरोही के अफजाल, अवले हसन, आसे अली आदि ने बताया कि मनरेगा योजना में तालाब खुदाई के लिए उन समेत 80 लोगों से 60 दिन तक काम कराया गया लेकिन रोजगार सेवक और ग्राम पंचायत सचिव ने कुछ दिनों का भुगतान देने के बाद बाकी भुगतान से मना कर दिया। बाकी मजदूरी मांगने पर रोजगार सेवक और मेठ ने उनके जाब कार्ड रख लिए और हाजिरी न चढ़ी होने की बात कहकर भाग जाने को कहा। पिछले दिनों कई मजदूर सीडीओ शिवसहाय अवस्थी से मिलने आए थे। उन्होंने बीडीओ आलमपुर जाफराबाद से भुगतान कराने को कह दिया। मजदूरी बीडीओ से मिलने पहुंचे तो उन्होंने पंचायत सचिव के पास भेज दिया था। बकौल मजदूर, इस पर रोजगार सेवक और सचिव ने कहा कि विकास भवन जाने से क्या उनकी मजदूरी मिल जाएगी। रोजगार सेवक और मेठ ने यह भी धमकी दी कि अगर फिर शिकायत करने गए तो झूठे मुकदमे में फंसा देंगे। सोमवार को मजदूर विकास भवन में परियोजना निदेशक डॉ. साहित्य प्रकाश मिश्र से मिले। पीडी ने इस मामले की जांच के आदेश बीडीओ को दिए हैं। यह भी निर्देश दिए कि मजदूरों का भुगतान शीघ्र कराया जाए।