अपर सत्र न्यायाधीश अवनीश सक्सेना ने नाइजीरिया के नेमडी उर्फ किंगलेस अशोका नेमडी और मार्क वलेस्ड सेमुअल उर्फ लू लू चार्से की अपील खारिज कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा सुनाई गई सजा की पुष्टि कर दी।
इन दोनों को तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डीएन सिंह ने धरा 420 में पांच साल की सजा, 20 हजार रुपये अर्थ दंड और धारा 467 में पांच साल की कठोर कैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा की व्यवस्था दी गई थी। इन धाराओें के अलावा धारा 468 में तीन साल और धारा 471 में एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। बता दें कि नैनीताल रोड स्थित अशोक नगर निवासी रामचंद्र सहाय ने थाना प्रेमनगर में सात अक्टूबर 2013 को रात 11.50 बजे रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने बताया था कि उनको 10 सितंबर 2013 को ई-मेल मिला। इसमें वेबसाइट की जानकारी देते हुए बताया गया कि उनकी दो लाख डालर की लाटरी निकली है। इस बातचीत में ठगों की ओर से तीन खाता नंबर बताए गए। इसमें रामचंद्र सहाय ने 19 सितंबर 2013 को 25 हजार, 20 सितंबर 2013 को 25 हजार, 26 सितंबर 2013 को 10 हजार और पांच अक्टूबर 2013 को 10 हजार रुपये डलवाये गए। इसके बाद ठगी के आरोपियों की ओर से पीड़ित से एक लाख रुपये की डिमांड लाकर खोलने के लिए की और घर आकर दबाव डालकर लाकर जबरन खुलवाया। इसमें अमेरिकी डालर प्रिंट किए रसायन की बोतल आदि समान पीले लिफाफे में बरामद हुआ। निर्णय सुनाए जाते समय दोनों ने न्यायाधीश के सामने अपनी बेगुनाही साबित करने की भरसक कोशिश की लेकिन न्यायाधीश ने निर्णय के विरुद्ध जेलर के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील करने की सलाह दी।