बिहारीपुर की हनुमान गली में रहने वाला एक प्रतिष्ठित परिवार दो दिन पहले घटित हुए एक नाटकीय घटनाक्रम से बुरी तरह हैरान-परेशान है। बैंक की ओर से आई एक सूचना पर करीब आठ लाख का जेवर बैंक लॉकर से निकालकर घर में लाकर रखा था जो चोरी हो गया है। यही नहीं घर की बहू भी अपने दो में से एक बेटे के साथ लापता है। परिवार के बड़े-बुजुर्ग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि 14 साल उनके घर में निर्विवाद ढंग से गुजारने वाली उनकी बहू बैंक लॉकर से इतने शातिराना अंदाज में जेवर निकलवाकर उन्हें चुरा ले गई है। उन्हें आशंका सता रही है कि उनकी बहू किसी साजिश का शिकार तो नहीं हो गई।
अतुल कक्कड़ एक शोरूम में कर्मचारी हैं। वह अपनी मां और भाइयों के साथ संयुक्त परिवार में रहते हैं। चार अक्तूबर को अतुल बड़े बेटे युग और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बाजपुर भांजे की शादी में गए थे। पत्नी शोभना और आठ साल का बेटा दीप घर पर थे। गुरुवार शाम लौटे तो दरवाजे पर ताला लगा था। शोभना का मोबाइल भी स्विच ऑफ था। पड़ोसियों ने बताया कि बुधवार को शोभना और दीप को घर से जाते देखा गया था। पुलिस को सूचना देकर ताला तोड़ा और कोतवाली में पत्नी-बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई। पता लगा कि सेफ से करीब आठ लाख का जेवर भी गायब है। अतुल ने बताया कि 27 सितंबर की सुबह उनके नंबर पर किसी राजवीर यादव ने कॉल की थी। उसने खुद को बैंक ऑफ बड़ौदा की बिहारीपुर शाखा में कार्यरत बताकर कहा कि बैंक में लॉकरों की सफाई का काम चल रहा है। लिहाजा अपना जेवर घर ले जाएं। दिवाली बाद फिर रख दें। बैंक पहुंचने पर कॉल करने वाला उन्हें मैनेजर के केबिन में मिला। इस पर वह लॉकर से सारा जेवर निकालकर घर ले आए। एसआई वीरेंद्र राणा के साथ ये लोग बैंक प्रबंधक आकांक्षा से मिले तो उन्होंने लॉकर की सफाई या संबंधित कद-काठी का कोई कर्मचारी होने से इंकार किया। इसके बाद वह नंबर भी बंद था, जिससे कॉल आई थी। मैनेजर अब उस दिन की फुटेज निकलवा रही हैं।
कम होती थी बातचीत
अतुल ने बताया कि पत्नी से उनका कोई विवाद नहीं था लेकिन बातचीत बेहद सीमित होती थी। शादी को 14 साल हो चुके हैं। शोभना का मायका भी मोहल्ले में ही है। वह वहां भी नहीं पहुंची हैं। किसी रिश्तेदारी में भी जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
पड़ोसी के पास भी आई थी कॉल
अतुल के पड़ोस में रामपुर की वाणिज्य कर अधिकारी ऋचा कक्कड़ का घर भी है। 27 सितंबर को एक व्यक्ति ने उनके घर जाकर कहा कि वह बॉब की बिहारीपुर से है। बैंक में सफाई हो रही है, लिहाजा अपना लॉकर खाली कर लें। ऋचा के पिता ने बैंक प्रबंधक को कॉल करके पूछा तो उन्होंने सफाई से इंकार कर दिया। ऋचा ने कोतवाली में सूचना दर्ज कराई थी।
वर्जन
हम सर्विलांस के सहारे शोभना के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। उन संभावित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज भी चेक करेंगे जहां से मां-बेटे गुजरे हों।
- वीरेंद्र सिंह राणा, बिहारीपुर चौकी प्रभारी