Married burnt alive in the house, death
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
शनिवार रात एक विवाहिता घर में जिंदा जल गई। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आरोप है कि पति के अवैध संबंधों को लेकर घर में झगड़ा होता था। महिला के मायकेवाले पति और उसके घरवालों पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने विवाहिता के पति और ससुर को हिरासत में ले लिया है।
धनौरा गौरी गांव निवासी मुकेश पांडेय ने अपनी बेटी ऊषा (22) का विवाह करीब डेढ़ साल पहले गांव अंजनी निवासी चंद्रभान साहू के साथ किया था। आरोप है चंद्रभान के गांव की ही एक महिला से अवैध संबंध हैं। शादी के कुछ दिन बाद ही इसकी जानकारी ऊषा हो गई। चंद्रभान रोज रात को देर से घर लौटता था। इसको लेकर आए दिन पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता था। आरोप है कि चंद्रभान पत्नी से पीछा छुड़ाना चाहता था। इसके लिए वह मायके से रुपये लाने का दबाव बनाता था। एक साल में कई बार ऊषा अपने मायके गई। हर बार रिश्तेदारों की पंचायत के बाद उसे ससुराल भेज दिया गया। दस दिन पहले ही ऊषा ससुराल गई थी। इसके बावजूद चंद्रभान ने आदतें नहीं बदलीं।
ऊषा के बहनोई महेशपाल ने बताया कि शनिवार रात करीब दस बजे चंद्रभान घर पहुंचा। वह शराब के नशे में था। ऊषा ने देर से आने का विरोध किया, जिससे दोनों के बीच झगड़ा होने लगा। आरोप है कि इसी बीच चंद्रभान ने मिट्टी का तेल उलटकर ऊषा के कपड़ों में आग लगा दी। चीखें सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने बमुश्किल आग बुझाई। पड़ोसियों की सूचना पर मायकेवाले पहुंचे तो ऊषा गंभीर रूप से झुलसी हालत मेें मिली। इसी बीच सिरौली थाने के प्रभारी निरीक्ष पवन कुमार मौके पर पहुंचे और ऊषा को जिला अस्पताल भिजवाया। रविवार सुबह दस बजे ऊषा ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। मृत्यु पूर्व पुलिस को दिए बयान में ऊषा ने बताया कि उसे चंद्रभान ने जलाया है। चंद्रभान और उसके पिता लालमन साहू को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। उधर, चंद्रभान का कहना है कि ऊषा ने कमरे में बंद होकर खुद मिट्टी का तेल उलटकर आग लगाई। कोतवाल पवन कुमार ने बताया कि ऊषा ने पति पर जलाने का आरोप लगाया है। रविवार देर शाम तक मायकेवालों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई।