सवा महीने पहले नवाबगंज के सराफ से हरियाणा के बदमाशों ने साढ़े तीन किलो सोना और चांदी लूटी थी। पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार करके उनके पास से 750 ग्राम सोना और 221 ग्राम चांदी जिसकी कीमत करीब 25 लाख रुपये है, बरामद कर लिया है। इसके अलावा बदमाशों से साठ हजार रुपये नकदी, तमंचा, चाकू और दो मोटर साइकिलें बरामद हुई हैं।
एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि तीन मार्च 2016 को बदमाशोें ने गंगवार कॉलोनी निवासी पंकज गंगवार दुकान बंद करके घर जा रहे थे। रास्ते मे दंो मोटर साइकिलों पर सवार होकर आए बदमाशों ने पीछा करके लूट लिया था। एसएसपी ने घटना के खुलासे को बना दी थीं। क्राइम ब्रांच भी घटना के खुलासे पर काम कर रही थी। इसी बीच मालूम हुआ कि पंकज से थाना नवाबगंज इलाके के प्रथ्वीपुर गांव के ही रामपाल ने पांच लाख रुपये लिए थे। यहां से पुलिस को रास्ता मिल गया। रामपाल से पुलिस ने पूछताछ की तो लूट का राज खुलता चला गया। उसी की मदद से पुलिस ने हरियाणा के रोहतक जिले के थाना कलानौर के ग्राम गरनावटी गांव के मुकेश कुमार पुत्र साधूराम और शमशेर उर्प काला पुत्र नफे सिंह के अलावा पप्पू यादव निवासी मोहल्ला रामनगर, थाना देहली गेट, जिला अलीगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि छह बदमाश अभी भी फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश करने को लगा दी हैं। जल्द की बाकी बदमाश भी पकड़े जाएंगे।
इस तरह बनी लूट की प्लानिंग
-एसएसपी ने बताया कि रोहतक के मुकेश और शमशेर उर्फ काला नवाबगंज निवासी रामपाल के साथ ओसवाल गन्ना फैक्ट्री में गन्ने की सप्लाई का काम करते थे। तीनों ने पंकज के पांच लाख रुपये की रकम उधार ली थी, लेकिन समय पूरा होने पर भी वह रकम देने की स्थिति में नहीं थे। इसके पीछे वजह यह थी कि उनका गन्ने का पेमेंट नहीं हो पाया था। तकादे से परेशान होकर तीनों ने पंकज को ही लूटने का प्लान बना लिया। मुकेश ने अपने परिचित फतेहगंज पूर्वी के हेमपुरा गांव के जगपाल उर्फ चाचा से संपर्क किया। वह इन दिनों मोहल्ला रामनगर, थाना देहली गेट, जिला अलीगढ़ में रहते हैं। चाचा ने यह बात अपने साथी जसवंत उर्फ कालीचरन, पप्पू, राजा, बाबा और शेरू को बुला लिया। प्लानिंग के मुताबिक घटना करने के लिए बदमाशों को दो बाइकों की जरूरत थी। इसके लिए एक मार्च को एक मोटर साइकिल बारादरी इलाके और दूसरी इज्जतनगर क्षेत्र से चुरा ली। तीन मार्च को जगपाल उर्फ चाचा सराफ पंकज की दुकान के सामने शाम को ही आकर बैठ गया। चोरी की बाइकों से चार बदमाश राजू, बाबा, शेरू और पप्पू गंगवार कॉलोनी की गली में लग गए। सराफ पंकज जैसे ही दुकान बंद करके निकले तो चाचा ने अपने साथियों को फोन करके सूचना दी। रामपाल के घर लूट के माल का बंटवारा हुआ। बदमाश चोरी की बाइकों और पंकज की मोटर साइकिलों को भवानीपुर गांव के पास फेंक गए थे।
जेल की दोस्ती से लुटेरों का नया गैंग बना
-एसपी देहात यमुना प्रसाद ने बताया कि 1999 में रामपाल जानलेवा हमला और अपहरण के आरोप में जेल गया था। जेल में उसकी मुलाकात रामपुर मिलक के चंद्रसेन से हुई। वह लड़की के भागने के मामले में जेल में था। यही दोस्ती दोनों को रोहतक तक ले गई। वहां रामपाल और चंद्रसेन ने मजदूरी की। हरियाणा के रोहतक में गोकरन से साथ रामपाल ने सट्टे का काम करना शुरू कर दिया। इस मामले में रामपाल और गोकरन तीन बार जेल गए। भाई की मौत के बाद 2005-06 में रामपाल गांव आने के बाद मुकेश और काला के संपर्क में आने के बाद गन्ने का काम करने लगा। मुकेश अच्छे परिवार से हैं। जबकि काला का परिवार मजदूरी करके ही जीवन चलाता है। बाद में रामपाल और जसवंत ने सभी को जोड़कर एक नया गैंग बना लिया।
ये हैं फरार अभियुक्त
0-जगपाल उर्फ चाचा पुत्र छदम्मी लाल निवासी हेमुपुरा, थाना फतेहगंज पूर्वी हाल निवासी अलीगढ़
0-जसवंत उर्फ कालीचरन पुत्र झंडेराम उर्फ रामप्रसाद, निवासी करहेला गोरवा, थाना गोंडा, जिला अलीगढ़
0-पप्पू प्रजापति पुत्र चोब सिंह निवासी करहेला गोरवा, थाना गोंडा, जिला अलीगढ़
0-राजू, बाबा, शेरु निवासी करहेला गोरवा, थाना गोंडा, जिला अलीगढ़
टीम को मिला पांच हजार का इनाम
सराफ लूटकांड के खुलासे में एसएसपी आरके भारद्वाज खुद ही पूरी तरह से लगे हुए थे। उन्होंने टीम खुलासे के बाद काफी सराहा और पांच हजार रुपये का नकद इनाम भी दिया। साथ ही यह भी घोषणा की कि डीआईजी और आईजी ने भी घटना का खुलासा करने वाली टीम को इनाम देने को कहा है। खुलासे में एसपी देहात यमुना प्रसाद के अलावा, सीओ नरेश कुमार, इंस्पेक्टर आरके सिंह की टीम और क्राइम ब्रांच के प्रभारी विकास सक्सेना और उनकी टीम की अहम भूमिका रही है।
मुझे खुलासे की जानकारी ही नहीं है
नवाबगंज। सवा महीने पहले सराफ से हुई 72 लाख रुपये लूट कांड का पुलिस भले ही खुलासा करने का दावा करके वाहवाही लूट रही है, लेकिन इस खुलासे से सराफ ने पूरी तरह से अनभिज्ञता जताई है। सराफ के पिता का कहना है कि खुलासा कैसे और कब हो गया, इसका मुझे पता ही नहीं।
सराफ के पिता ब्रजपाल गंगवार ने बताया कि उन्हें खुलासे की जानकारी नहीं है, पुलिस से पता करेंगे।