रामपुर गार्डन के सराफ के बाद लूट के बाद रविवार की सुबह रेलवे कर्मचारी के घर लूटपाट का हल्ला मचा तो पुलिस के अफसरों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शाम होते-होते छानबीन की तो पूरी कहानी ही फर्जी निकली। सच्चाई यह थी कि रेलकर्मी की बेटी ने अपने प्रेमी को मिलने के लिए बुलाया था। इस दौरान शोर मचने पर रेल कर्मचारी ने छोटा के खिलाफ लूट का मामला दर्ज करा दिया था। उसने पकड़े जाने पर रेल कर्मी के प्रेमी का नाम बता दिया। उसके पकड़े जाने के बाद सारी सच्चाई सामने आ गई।
रविवार को एक रेलवे कर्मचारी ने अपने घर में 15 हजार रुपये की नकदी और आभूषण लूटने की कोतवाली में तहरीर दी तो लूट का मुकदमा दर्ज हो गया। पर शाम होते-होते लूट की इस कहानी की हकीकत सामने आने लगी। देर शाम को खुलासा हुआ तो मामला लूट नहीं प्रेम संबंध का निकला। बेटी के दोस्त को घर में देखकर बौखलाएं पिता ने शर्मिंदगी से बचने और बदला लेने की नीयत से लूट का ड्रामा रचा था। कोतवाल ने बताया है कि रेलवे कर्मचारी पर पुलिस को गुमराह करने के जुर्म में कार्रवाई की जाएगी। रेलवे कर्मचारी का आरोप था कि शनिवार रात 10 से 12 बजे के बीच तीन लुटेरों ने घर में घुसकर लूट की। बताया कि लूट के समय वह, उनकी पत्नी, बेटी और बड़ा बेटा मौजूद नहीं थे। घर में उनकी मां, छोटा बेटा और सास ही मौजूद थे। इस दौरान तीन लूटेरे आए और तमंचे की नोक पर बूढ़ी मां से घर में रखा आभूषण निकलवा लिया। रेलवे कर्मचारी ने छोटू गंगवार नाम के एक युवक पर लूट का आरोप लगाया था। जो उनके कालोनी में रहता था। छानबीन में पता लगा कि छोटू तो यहां था ही नहीं। वह तो बरेली से बाहर रहकर नौकरी करता है।
बेटी बोली, लूट नहीं हुई
पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाई गई रेलवे कर्मी की बेटी ने स्वीकार कर लिया कि उसके घर में लूट नहीं हुई। उसने अपने दोस्त को मिलने के लिए बुलाया था। लड़की 12 वी कक्षा की छात्रा है।
छोटू को पकड़कर प्रेमी हनी तक पहुंची पुलिस
रेलवे कर्मी ने छोटू गंगवार पर लूट का आरोप लगाया था, पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर उसे पीलीभीत से बरामद किया। नेकपुर मंडी निवासी छोटू रेस्टोरेंट में कारीगर है। छोटू ने पुलिस को बताया कि उसका दोस्त हनी रेलवे कर्मी की बेटी को दोस्त है। छोटू की निशानदेही पर हनी को बदायूं से पकड़ा गया। छोटू ने बताया कि लड़की से वह बात करता था, दोनों ने फोन पर शनिवार को साढ़े बारह बजे मिलने की बात तय की थी। पर जब वह घर पहुंचा तो लड़की की दादी ने उसे पकड़ लिया। छोटू के पिता कंडक्टर हैं, उसकी मां की मौत हो चुकी है।