जाट रेजिमेंट सेंटर के लांसनायक अनिल कुमार की सरेआम हत्या और फौजी की पत्नी से छेड़छाड़ करने के आरोपी को पकड़कर भी पुलिस हिरासत से छोड़ देने से गुस्साए पूर्व सैनिकों ने बुधवार को वीरांगना चौक से लाल फाटक जाने वाली रोड पर जाम लगा दिया। पूर्व सैनिकों के हाईवे जाम करने और हंगामा करने की सूचना पर पुलिस के अधिकारी मौके पर दौड़ पड़े। पूर्व सैनिक नारेबाजी करते हुए फौजी की पत्नी से छेड़छाड़ करने वाले को जेल भेजने की मांग कर रहे थे। अफसरों से उन्होंने सवाल किया कि जब कैंट थाने की पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया था तो फिर छोड़ा क्यों। पूर्व सैनिकों के सवालों पर एसपी सिटी रोहित सिंह ने कहा कि राजेश को पकड़कर हर हाल में जेल भेजा जाएगा। पूर्व सैनिकों के प्रदर्शन के चलते तकरीबन एक घंटे तक बदायूं हाईवे जाम रहा।
बुधवार सुबह 10:30 बजे पूर्व सैनिकों ने पूर्व सैनिक वेलफेयर समन्वय समिति के बैनर तले हाईवे जाम करके प्रदर्शन शुरू कर दिया। कैंट और कोतवाली पुलिस ने पहुंचकर पूर्व सैनिकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। प्रदर्शन के बीच पूर्व सैनिकों ने यह भी मांग रखी कि लांसनायक के परिवार को मुआवजा दिया जाए। सीओ सिटी कुलदीप कुमार अपनी गाड़ी में पूर्व सैनिक वेलफेयर समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह अहलावत को लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे। जहां डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से उनकी मुलाकात कराई गई। पूर्व सैनिकों ने इस दौरान डीएम से कहा कि वे अब सदर और बीआई बाजार में सिविलियंस को बर्दाश्त नहीं करेंगे। डीएम ने आश्वासन दिया कि लांसनायक के पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने के लिए शासन को लिखा जाएगा।
डीएम से भी सवाल- छेड़खानी करने वाले राजेश को छोड़ा क्यों
पूर्व सैनिकों की डीएम के सामने भी फौजी की पत्नी से छेड़खानी करने वाले राजेश चौधरी को छोड़ दिए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मांग की कि हत्यारोपी ध्रुव के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शन करने वाले जानना चाहते थे कि जब छेड़छाड़ के आरोपी को पकड़ा गया था तो फिर छोड़ा क्यों। उधर, कैंट इंस्पेक्टर विजयपाल ने बताया कि राजेश चौधरी को जिनकी सुपुर्दगी में दिया गया था, अगर राजेश नहीं मिलता तो उनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
हमारा दुर्भाग्य है कि हम लोकतंत्र में है। हमारा लांसनायक सरेआम मार दिया जाता है। ऐसा सिर्फ इसलिए है क्योंकि कैंट क्षेत्र में बाहरी लोगों को कुछ भी करने की आजादी मिली हुई है। यह गलत है। - राकेश विद्यार्थी, वायू सेना से रिटायर
पीड़ित परिवार को मदद मिलनी चाहिए। पुलिस की जांच से हम संतुष्ट नहीं है। फौजी की पत्नी से छेड़छाड़ करने वाला खुला घूम रहा है। पुलिस उसको पकड़े। कैंट में पूर्व सैनिकों के परिवार भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। - बलवंत सिंह अहलावत, जिला अध्यक्ष, पूर्व सैनिक वेलफेयर समन्वय समिति
ऐसा पहली बार हुआ कि किसी फौजी को कैंट में गोली मारी गई। यह दुख का विषय है, लेकिन उतना ही सोचने वाला भी कि ऐसा हुआ क्यों। पुलिस दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे। - रामचंद्र सागर, रिटायर्ड सैन्यकर्मी
प्रदर्शन करके हम सिर्फ यही जताना चाहते हैं कि पुलिस अपना काम नहीं कर रही है। पहले ही परिवारों का झगड़ा हो चुका था। पुलिस सतर्कता बरतती तो यह हत्या ही नहीं होती। लापरवाही के चलते लांसनायक की जान गई। - चौधरी कुलदीप सिंह, रिटायर्ड सूबेदार मेजर
एक छेड़छाड़ के आरोपी को पकड़कर छोड़ दिया जाता है। हत्यारोपी खुद थाने नहीं पहुंचता तो पुलिस उसको भी खोजती रहती। हमारी मांग है कि छेड़छाड़ के आरोपी को पकड़ा जाए - कैप्टन रामलाल, रिटायर्ड सैन्यकर्मी