जमीन पर कब्जा और जान से मारने की धमकी मामले में वारंट तामील न होने पर कोर्ट ने पूर्व विधायक छोटेलाल गंगवार को गिरफ्तार कर पेश करने के आदेश दिए हैं। एसीजेएम शक्ति सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रेमनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को भी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया है। इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 17 अक्तूबर तय की गई है। क्योलड़िया के धनौर गांव के मुन्ना बाबू ने छोटेलाल गंगवार, जाहिद खां, पूरन सिंह धामी, बसंत बल्लभ पंत और नरेंद्र सिंह के खिलाफ परिवाद दायर किया था। उनका कहना था कि उन्होंने बारादरी क्षेत्र में छोटेलाल गंगवार से 31मार्च 1994 को प्लाट खरीदा था। बाद में पता चला कि गलत गाटा सं. के आधार पर छोटेलाल गंगवार के पार्टनर जाहिद खां ने फर्जी कागजों के आधार पर प्लाट पर कब्जा करा दिया। मुन्ना बाबू का कहना था कि कई बार रुपये वापस करने या प्लाट पर वास्तविक कब्जा दिलाने का अनुरोध किया गया तो उन्हें गालियां देकर जान से मारने की धमकी दी। 2014 में सभी लोगों को भारतीय दंड संहिता की धारा 504 और 506 के आरोप के लिए तलब किया गया। अन्य ने तो जमानत करा ली लेकिन छोटेलाल गंगवार कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। मुन्ना बाबू ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर अवगत कराया कि छोटेलाल गंगवार राजनीतिक व्यक्ति हैं। इनकी ऊंची पहुंच और राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस सम्मन और वारंट तामील नहीं कर रही है।