राजद्रोह के मामले प्रो. विरेंद्र सिंह हैं जमानत पर, इसी के खिलाफ पुलिस पहुंची है हाईकोर्ट
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पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रो. विरेंद्र सिंह की जमानत रद्द कराने के लिए रोहतक पुलिस हाईकोर्ट तो पहुंच गई, लेकिन ठोस वजह नहीं बता बताई। यही कारण रहा कि अदालत ने पुलिस से पूछ लिया कि वह जमानत रद्द करने की ठोस वजह बताए। अपने तथ्यों से पहले अदालत को संतुष्ट करे। इसके बाद अदालत आरोपी के खिलाफ नोटिस जारी करेगी।
बता दें कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान विवादित ऑडियो टेप सामने आने के बाद रोहतक पुलिस ने पूर्व सीएम भपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रो. विरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जिला एवं सत्र न्यायालय से 30 मार्च को उनकी जमानत मंजूर हो गई थी। कोर्ट ने जांच में सहयोग करने सहित अन्य पहलुओं को देखते हुए प्रो. विरेंद्र सिंह को जमानत दी थी।
इसी मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट के जस्टिस एमएमएस बेदी की कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान पुलिस विरेंद्र सिंह की जमानत रद्द करने का कोई ठोस कारण नहीं पेश कर सकी। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 20 अक्तूबर तय कर दी है। अगली सुनवाई में पुलिस को ठोस जवाब पेश करना होगा। पुलिस ने विरेंद्र सिंह की जमानत रद्द करने को लेकर अपनी याचिका में कई कारण पेश किये। इनमें मामले की जांच को प्रभावित करने और राजनीतिक रसूख रखने संबंधी बिंदु शामिल हैं। लेकिन सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि जिन तर्कों के आधार पर विरेंद्र सिंह की जमानत रद्द करने की मांग की जा रही है, उन तर्कों से पहले कोर्ट को संतुष्ट किया जाए।
आरक्षण आंदोलन के दौरान सामने आया था ऑडियो टेप
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रो. विरेंद्र सिंह पर जाट आरक्षण आंदोलन को भड़काने का आरोप है। आंदोलन के दौरान उनका एक विवादित ऑडियो टेप सामने आया था। इस टेप के आधार पर भिवानी के रिटायर्ड कैप्टन पवन कु मार ने विरेंद्र सिंह और दलाल खाप के प्रवक्ता कैप्टन मानसिंह के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में विरेंद्र सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। विरेंद्र सिंह फिलहाल जमानत पर हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस से जमानत रद्द करने के ठोस कारण पूछे हैं। साथ ही अदालत ने कहा है कि पहले कोर्ट को जमानत रद्द करने के कारणों से संतुष्ट किया जाए। इसके बाद प्रो. विरेंद्र सिंह को जवाब के लिए नोटिस जारी किया जाएगा।
- एडवोकेट आरसी दलाल, विरेंद्र सिंह के वकील