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शो रूम में ब्रांडेड के नाम पर नकली जूते 

Wed, 12 Apr 2017 01:50 AM IST
बरेली।  
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Fake shoes in brand name of show room - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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ब्रांडेड कंपनी के नकली जूतों के काले कारोबार का एसएसपी जोेगेंद्र कुमार की स्पेशल टीम ने भंडाफोड़ कर दिया। डीडीपुरम और मॉडल टाउन के तीन शोरूम पर छापेमारी करके पुलिस ने 50 लाख की कीमत के नकली जूते जब्त किये। जूतों की अग्रणी कंपनी नाइक के दिल्ली से आए प्रतिनिधि कंवलजीत की शिकायत के बाद एसएसपी ने तीन शोरूम में छापेमारी करवाकर ब्रांड के टैग के साथ नकली जूतों को जब्त करवाया। शिकायत तो नाइक की तरफ से थी लेकिन इनके यहां, प्यूमा, एडीडास, रीबोक आदि कंपनियों के नाम से  भी नकली  माल मिला है। तीन शोरूम के मालिकों के खिलाफ कॉपीराइट उल्लघंन और धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। 
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नाइक के प्रतिनिधि कंवलजीत के अनुसार बरेली से ब्रांडेड जूतों की खराब गुणवत्ता की शिकायतें मिल रही थी। एक टीम ने सर्वे करके लोगों की शिकायतों की सच्चाई को परखा। टीम को जूतों में गड़बड़ी मिलने के बाद सामने आया कि शहर में कुछ शोरूम ब्रांड के नकल खुले बाजार में बेच रहे हैं। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि नाइक कंपनी के प्रतिनिधि से शिकायत मिलने के बाद डिप्टी एसपी रजनीश कुमार की अगुवाई में तीन टीमों का गठन किया गया। मंगलवार को टीमों ने छापा मारकर नकली जूतों की बड़ी खेप पकड़ी है। 

करीब 342 जूतों की नकल 
डीडीपुरम में ब्रांड हाउस से पुलिस जतिन आरोरा निवासी 1005 राजेंद्र नगर को गिरफ्तार कर लिया। इस दुकान से 300 मीटर दूर मेता ब्रांड्स से भी नकली जूते पकड़े गए  दुकान के मालिक मो. आतिफ निवासी न्यू कॉलोनी जसोली सिटी स्टेशन को भी पकड़ लिया। दोनों शोरूम से 300 से ज्यादा जूतों की जोड़ी को जब्त किया गया। एक टीम ने मॉडल टाउन में यस सेल्स पर छापेमारी करके मदन भाटिया को पकड़ लिया। करीब 42 जोड़े जूतों को जब्त किया गया।     
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पुलिस भी नहीं कर सकी फर्क 
शोरूम पर पहुंची पुलिस भी असली और नकली जूतों में फर्क नहीं कर सकी। ब्रांडेड जूतों के प्रतिनिधि ने जूतों को देखकर बताया कि शोरूम में जूतों की नकल है। शोरूम के मालिकों से पूछताछ में सामने आया कि कारोबारी नकली जूते दिल्ली के करोल बाग की गली नंबर 10 से खरीदकर लाते थे। जिन्हें ब्रांड के डिब्बों में पैक करके बेचा जा रहा था। सभी ब्रांड के जूते दुकान पर मौजूद थे। 

आठ साल से खपा रहा नकली जूते 
डिप्टी एसपी ने बताया कि मॉडल टाउन में मदन भाटिया करीब आठ साल से ब्रांडेड जूतों की नकल को बेच रहा था। यही वजह है कि कम समय में उसने मकान खड़ा कर लिया। वहीं डीडीपुरम चौराहा के पास स्थिति शोरूम में दो साल से नकली जूतों का कारोबार चल रहा था। प्रेमनगर थाने में जूतों की गिनती के बाद कंपनी के प्रतिनिधियों ने कंपनी की लागत के अनुसार जूतों की पकड़ी गई नकल को 50 लाख का आंका है। 

तीन नाम और मिले 
कारोबारियों के अनुसार हर जूते की बिक्री पर दो हजार से लेकर कीमत के अनुसार मार्जिन का फायदा मिलता था। पुलिस के अनुसार कारोबारियों ने तीन नाम और लिए हैं। जो जूतों के काले कारोबार में शामिल है। पुलिस अब इनकी तलाश में जुटी है। नकली जूतों का कारोबार में सालाना लाखों का टर्नओवर था। 

दुकान के मालिक करते रहे मुखबिरी 
डिप्टी एसपी ने बताया कि डीडीपुरम के शोरूम पर पहुंचने पर दुकानदार ने मॉडल टाउन वाले की शिकायत की थी। वहीं मॉडल टाउन वाले दुकानदार ने टीम से कहा कि हमारे यहां छापा छोड़िये डीडीपुरम जाइए। जब पुलिस ने उन्हें बताया गया कि सभी जगह छापे हुए हैं तो दुकानदार शांत हो गए। 

सरप्लस स्टाक कहकर  डिस्कांउट आफर
दुकान के मालिकों ने टीम के सामने सफाई दी कि वह सरप्लस के जूते बेचते है। बता दें कि कंपनी का कोई जूते की डिजाइन जब चार से पांच साल तक बिक्री नहीं पकड़ पाती है तो उसकी कास्ट कटिंग करके कंपनी नए बार कोड के साथ बाजार में लांच करती है। इनको सरप्लस स्टाक बोलते है। खासबात यह कि पुलिस टीम को दुकान पर दो महीने पहले लांच हुआ 19000 कीमत का जूता भी मिला। दो महीने पहले लांच हुआ जूता सरप्लस स्टाक में कै से पहुंचा, इसका जवाब दुकानदार भी नहीं दे सके। 

सस्ता माल लेकिन टिकाऊ नहीं 
-शेप खराब हो जाता था।
-जल्दी फट रहे थे।
-रंग फीका पड़ जाता था। 
-हल्के होने के बावजूद आरामदायक नहीं थे।  

आईपीएस अधिकारी से करवाई सिफारिश 
नकली जूते पकड़े जाने के बाद कारोबारियों ने एक आईपीएस अधिकारी के फोन करवाया। कारोबारियों के अनुसार उन्होंने आईपीएस अधिकारी को भी जूते बेचे थे। हालांकि असलियत जानने के बाद उन्होंने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। छापेमारी के बाद डिप्टी एसपी रजनीश के पास भाजपा पदाधिकारियों की सिफारिश पहुंचने लगी। पहले आरोपियों को छोड़ने और फिर धाराओं को हल्का किए जाने की सिफारिश की गई। हालांकि पुलिस ने किसी की सुनवाई नहीं की। 

एसएसपी पहुंचे नाइक के शोरूम 
जूतों की कंपनी नाइक का सालों पहले अयूब खां चौराहा पर शोरूम था। करीब दो करोड़ का नुकसान होने के बाद कंपनी ने अपना शोरूम बंद किया था। इसके बाद कंपनी का कोई शोरूम नहीं है। देर शाम एसएसपी जोगेंद्र कुमार फीनिक्स मॉल के नाइक शोरूम में पहुंचे। ब्रांड के असली जूतों को जांचा गया। दुकानदारों ने बताया कि उन्हें नकली जूतों के बेचे जाने की जानकारी पहले से थी। जिसकी शिकायत दिल्ली मुख्यालय में की गई थी। 

जूतों के सैंपल जाएंगे जांच के लिए 
पुलिस जूतों के नमूने को जांच के लिए भेजेंगी। वहीं कापी राइट एक्ट उल्लघंन में कारोबारियों पर 50 से दो लाख का जुर्माना और छह से 3 साल की सजा हो सकती है। एसएसपी ने कहा कि कंपनी के प्रतिनिधि की तरफ से एफआईआर लिखी गई है। आरोपियों को सख्त सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। 

नकली तेल पर चलेगा अभियान 
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने कहा कि शहर में कुछ भी नकली नहीं बिकने दिया जाएगा। नकली पेट्रोल-डीजल, ऑनलाइन सट्टा सहित कई बड़ी कार्रवाई के बाद अब नकली जूतों के शोरूम का भंडाफोड़ किया गया है। अब पुलिस के टारगेट पर नकली खाद्य तेल के कारोबारी है। उन्हें चेतावनी है कि नकली तेल बनाना बंद कर दें, नहीं तो पुलिस बंद करवा देगी। 
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