बरेली-बीसलपुर रोड घोटाले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपने की तैयारी की जा रही है। पीलीभीत कोतवाली पुलिस इस मामले में दर्ज एफआईआर को जल्द ही अपराध शाखा को ट्रांसफर करने की बात कह रही है। इधर, लोक निर्माण विभाग भी अपने स्तर से इस घोटाले की जांच करा रहा है।
बरेली-पीलीभीत रोड का निर्माण 24 करोड़ रुपये की लागत से होना था लेकिन ठेका लेने वाली कंपनी एवरग्रीन इंफ्राबिल्ड लिमिटेड ने रोड निर्माण में जमकर घोटाला किया। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के शुरूआती आकलन में करीब 12 करोड़ के घपले की बात सामने आई है। इस मामले में पीलीभीत के एक्सईएन अनिल कुमार राना की तरफ से बृहस्पतिवार को कोतवाली में एवरग्रीन कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी एवरग्रीन कंपनी की जमानत राशि भी जब्त कर चुके हैं।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता की तहरीर पर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामला 50 लाख रुपये से ऊपर के घोटाले का है, लिहाजा इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा को भेजी जाएगी। सीओ सिटी से रिपोर्ट मिलते ही विभागीय औपचारिकताएं पूरी कर जांच आर्थिक अपराध शाखा को ट्रांसफर कर दी जाएगी। - बालेंदु भूषण सिंह, एसपी पीलीभीत
इंजीनियरों पर तो शासन को करनी है कार्रवाई
बीसलपुर रोड घोटाले में ठेकेदार एवरग्रीन कंपनी पर तो कार्रवाई हो रही है लेकिन इस घपले में शामिल विभागीय इंजीनियरों पर कार्रवाई होनी अभी बाकी है। इस बाबत चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी का कहना है कि इस मामले में कंपनी के खिलाफ एफआईआर सहित अन्य कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है, इसमें शामिल इंजीनियरों पर कार्रवाई शासन को ही करनी है। इसमें अभी किसी अभियंता पर कोई कार्रवाई मेरी तरफ से नहीं हुई है। शासन ने भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। अगर की होती, तो मेरे पास जानकारी आती।
760 लाख की जमानत में किया था फर्जीवाड़ा
बरेली। एवरग्रीन इंफ्राबिल्ड कंपनी ने सड़क के निर्माण में ही नहीं बल्कि जमानत राशि में भी फर्जीवाड़ा किया था। कंपनी ने 760 लाख रुपये की जमानत जिस बैंक से लगाई थी, वह जांच में फर्जी निकली। पीडब्ल्यूडी के अफसर अब कंपनी के दूसरे कामों में लगी जमानत राशि से यह रकम वसूलने का दावा कर रहे हैं। हालांकि जमानत के फर्जी कागज लगाए जाने के मामले में पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, सड़क निर्माण का ठेका लेने पर 20 प्रतिशत धनराशि सिक्योरिटी के तौर पर जमा करनी होती है। एवरग्रीन इंफ्राबिल्ड कंपनी ने चार्टेड मर्केंटाइल एम बैंक लिमिटेड सुल्तान मंजिल बीएन रोड लाल बाग लखनऊ से जारी 760 लाख रुपये की जमानत राशि के कागज पीडब्ल्यूडी को दिए थे। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड प्रथम ने जमानत राशि जब्त करने के लिए एक जेई को चार्टेड मर्केंटाइल एम बैंक भेजा तो बैंक ने भुगतान करने से मना कर दिया।
बीसलपुर रोड के लिए फिर से टेंडर कराने की तैयारी
घोटाले में फंस कर बीसलपुर रोड कई साल से खस्ताहाल है। एवरग्रीन कंपनी का टेंडर निरस्त करने के बाद अब पीडब्ल्यूडी नये सिरे से इस रोड को बनाने की कवायद में जुटा है। इसके लिए चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी ने बरेली और पीलीभीत दोनों के ही एक्सईएन को नया टेंडर करने आदेश दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि रोड को बनाने में अब कोई देरी न हो, इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। मानसून सीजन खत्म होते ही रोड निर्माण शुरू कराया जाएगा।