शीशगढ़। पुलिस ने पांच दिन पहले बाइक सवार से हुई लूट का खुलासा कर अंतर्जनपदीय गैंग के दो सदस्यों को दबोचा है। इनसे लूटा हुआ मोबाइल, लूटी रकम में से पांच सौ रुपये और तमंचा बरामद कर इन्हें जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक रामपुर जिला निवासी लुटेरों ने थाना भमोरा में हुई लूट को भी कबूला है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह कार पर नीली बत्ती लगाकर रात में लूटपाट करता था।
29 जुलाई को जिला रामपुर के गांव शहजादनगर का दीपक गंगवार अपनी रिश्तेदारी गांव ढकिया डाम बाइक से जा रहा था। रात में एक बाइक पर सवार दो लुटेरों ने उसे रोक लिया और तमंचा के दम पर उससे एक मोबाइल व एक हजार की नगदी लूट ली। विरोध पर लुटेरों ने उसे चाकू मारने की कोशिश की। गश्ती पुुलिस को आते देख लुटेरे भाग गये। इससे पहले दीपक गंगवार ने लुटेरों की बाइक पर पड़ा नंबर पढ़ लिया था। पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी थी। बताते हैं कि बाइक नंबर के आधार पर पुलिस लुटेरों तक पहुंच गई।
प्रभारी निरीक्षक हरीश राजपूत ने दावा किया कि उन्होंने सिहौर पुल के पास चेकिंग में नदीम पुत्र लतीफ व बबलू उर्फ असलम पुत्र नवी अहमद निवासी गांव भैंसोड़ी थाना मिलक जिला रामपुर को गिरफ्तार कर लिया। पूछने पर उन्होंने जुर्म भी कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि नदीम पर शीशगढ़ थाने के अलावा बिजनौर के नहटौर और मंडावली, बहराइच के रिछिया और मुरादाबाद के बिलारी थानों में भी लूट, डकैती के मुकदमे दर्ज हैं। रामपुर के मिलक थाने में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज है। बबलू पर शीशगढ़ थाने में ही डकैती और आर्म्स एक्ट के मुकदमे हैं। बताया कि यह दोनों नीली बत्ती लगाकर लूट करने वाले गैंग के सदस्य हैं। यह चेकिंग के बहाने लोगों को रोकते थे और लूट लेते थे। पुलिस इनके दूसरे साथियों की भी तलाश कर रही है। एसएसपी ने बदमाशों को पकड़ने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।