बागपत। भड़ल गांव के कांवड़ सेवा शिविर से 28 जुलाई को डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती के लिए छात्र आर्यन का अपहरण कर हत्या के केस का मंगलवार को भी पुलिस ने खुलासा नहीं किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मोबाइल लिस्निंग के सहारे पुलिस कातिलों तक पहुंचना चाहती है। पुलिस को कई अहम जानकारी मिली भी है। इसी के आधार पर चार-पांच लोगों से पूछताछ की जा रही है।
छात्र आर्यन का मेरठ के डालूहेड़ा गांव में मंगलवार को शव मिलने पर लोग भड़क गए थे। डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने लोगों को आश्वासन दिया था कि 72 घंटे के अंदर केस का खुलासा कर दिया जाएगा। डीआईजी के आश्वासन को 24 घंटे बीत गए। आश्वासन के मात्र 48 घंटे शेष रह गए है। देखना है कि अफसर दिए निर्धारित समय में केस का खुलासा कर पाते है या नहीं। पुलिस अफसर कातिलों तक पहुंचने के लिए हर हथकंडा अपना रहे है।
पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस ने कई लोगों के मोबाइल लिस्निंग पर लगा रखे हैं। पुलिस उनकी हर बातों पर ध्यान दे रही थी। एक मोबाइल से पुलिस को कई अहम जानकारी मिली। पुलिस उन्हें तस्दीक करने में लगी हुई है। पुलिस पांच-छह लोगों को थाने पर लाकर पूछताछ कर रही है, लेकिन अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। दोघट थाना प्रभारी जितेंद्र यादव ने कहा आर्यन के हत्यारों को पकड़ने के लिए कई लाइनों पर काम चल रहा है। कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही केस का खुलासा कर दिया जाएगा।
अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
बागपत। आर्यन की हत्या के मामले में भड़ल चौकी को सस्पेंड करना अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। यहां वर्तमान में इंस्पेक्टर छपरौली निगरानी कर रहे हैं। सीओ बड़ौत सीपी सिंह खुद दो दिन से डटे हैं। पुलिसकर्मियों की स्थायी तैनाती अब तक नहीं की गई है। ग्रामीणों ने चौकी का स्थान बदलवाने की मांग की है।