उचक्कों ने पहले किसान की जेब काटकर तीस हजार रुपये उड़ाए, फिर चौकी चौराहे पर उतरकर भागने लगे। किसान को पता चला तो उसने उतरकर उचक्के का कॉलर पकड़ लिया। तब तक उचक्का अपने साथियों के साथ बाइक पर बैठ चुका था। उचक्के किसान को कुछ दूर घसीटने के बाद फरार हो गए। यह घटना चौराहे पर खड़े पुलिस वालों से कुछ कदम की दूरी पर हुई, लेकिन उन्हें पता ही नहीं चला। इससे लापरवाही का अंदाजा लगाया जा सकता है।
टेंपो में किसान की जेब काटकर तीस हजार रुपये उड़ाकर उचक्का चौकी चौराहे पर पुलिस की मौजूदगी में बाइक पर सवार होकर अपने दो साथियों के साथ भाग गया। किसान ने जेब काटने वाले उचक्के को बाइक पर बैठते समय पीछे से कॉलर पकड़कर दबोच लिया। फिर भी बाइक सवार उसे घसीटते हुए भाग गए। किसान मदद मांगता रहा और पुलिस वाले तमाशबीन बने रहे।
हाफिजगंज के खाता गांव के किसान वेदराम बुधवार पूर्वाह्न ग्यारह बजे सेटेलाइट तक बस से आए। यहां से टेंपो में बैठकर तहसील के लिए निकले। टेंपो में उनके अगल-बगल में दो अन्य लोग बैठे थे। दाहिनी तरफ बैठे उचक्के ने धीरे से उनकी पेंट की जेब काटकर उसमें रखे तीस हजार रुपये चुरा लिए और चौकी चौराहे पर टेंपो रुकते ही उतर गया। यहां पहले से ही उसके दो साथी काली रंग की पल्सर बाइक लिए खड़े थे। उचक्का जैसे ही टेंपो से उतरा वेदराम का हाथ जेब पर लगा तब उन्हें अहसास हुआ कि जेब कट गई है। आनन-फानन में उन्होंने टेंपो से उतरकर बाइक पर बैठ रहे उचक्के का कॉलर पकड़ लिया। किसान उचक्के का एक हाथ से कॉलर और दूसरे हाथ से कलाई पकड़े रहा। बाइक सवार बदमाशों के साथ वह कुछ दूर घिसटा और फिर सड़क पर ही गिर गया। फिर बदमाश रफूचक्कर हो गए। यह घटनाक्रम करीब पांच मिनट चला। खास बात यह रही कि चौकी चौराहे पर घटनास्थल से कुछ कदम की दूरी पर पुलिस वाले भी खड़े थे, लेकिन उन्हें भनक तक नहीं लगी। अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमारी ‘स्मार्ट पुलिस’ कितनी सतर्क है। रकम लुटने के बाद किसान चौराहे पर ही फफक-फफककर रोने लगा। इसके बाद वह कोतवाली पहुंचा। यहां भी उसे आधे घंटे तक पूछताछ करते हुए बातों में उलझाए रखा गया। किसी ने उचक्कों को तलाशने की कोशिश नहीं की। फिलहाल पीड़ित ने तहरीर दे दी है।
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तो कंट्रोल रूम वालों की भी नहीं थी नजर
चौकी चौराहे पर हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कहा जाता है कि इसके जरिए एसपी सिटी ऑफिस के ऊपर स्थित सिटी कंट्रोल रूम में बैठे पुलिसवाले चौराहे की गतिविधियों पर नजर रखते हैं। लेकिन, बुधवार को किसान के साथ हुई घटना की शायद कंट्रोल रूम वालों को भी भनक नहीं लगी। ऐसा होता तो तुरंत कार्रवाई होती। शायद स्क्रीन पर उनकी नजर ही नहीं थी। अब पुलिस के पास घटना की फुटेज बची है, जिससे जरिए खुलासे की लकीर पीटी जाएगी।
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दीवान से भी हुआ विवाद
किसान वेदराम ने कोतवाली में तीन बाइक सवारों के खिलाफ तीस हजार रुपये लूटने के आरोप की तहरीर दी। दीवान ने कहा कि उसकी जेब कटी है, इसलिए तहरीर बदलकर दी जाए। इसको लेकर काफी विवाद हुआ।