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इस ठेके ने मेरे तीन बेटे छीन लिए

Thu, 14 May 2015 01:45 AM IST
बरेली
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आबकारी अधिकारी शराब माफिया के कृपा पात्र होंगे इसलिए उन्हें चनेहटी में नियमविरुद्ध चल रहे ठेके के खिलाफ लंबे समय से चल रहे आंदोलन में राजनीति दिख रही है। उन्होंने तो दूसरे अफसरों को भी समझा दिया। शराब माफिया मोटी एक्साई देता है, ये बात सब जानते हैं लेकिन चनेहटी के लोगों की लड़ाई लड़ रही द्रोपदी लोगों को अपनी तरह बर्बाद होने से रोकने के लिए आंदोलन पर डटी हैं। बुधवार को वह कचहरी में फिर चीख-चीख कर कह रही थी-  शराब से मैंने तीन बेटे खोए हैं, इस का अंजाम मैंने भोगा है। सुन क्यों नहीं रहे? कलेक्ट्रेट गेट पर बुधवार दोपहर चनेहटी में शराब भट्टी हटवाने की मांग प्रदर्शन कर रही महिलाओं के नारेबाजी के बीच 70 वर्षीय द्रौपदी देवी  अचानक मूर्छित होकर गिर पड़ीं। तुरंत उन्हें उठाकर पास ही एक टेबल पर लिटाया गया। पानी की छींटे देकर और दो घूंट पानी पिलाकर आराम कराया गया। उसी हालत में उन्होंने बताया कि 30 - 35 साल की उम्र में तीनों बेटे शराब की लत में मर गए।
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उन्होंने बताया कि  सारे परिवारों की भलाई के लिए  वह परिवारजनों को घर छोड़कर अकेले ही यहां आईं। लेकिन यहां तो गाली मिल रही है। इससे पहले सेठ दामोदर स्वरूप पार्क पर जारी धरने पर बैठीं आंदोलनकारी महिलाएं एडीएम (प्रशासन) द्वारा गत चार मई को 10 दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के संदर्भ में अधिकारियों से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उनका कहना था कि भट्टी नहीं हटवा सकते तो इन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए। अगर 14 की शाम तक ऐसा न हुआ तो सायं पांच बजे से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू होगी। भीड़ देख कर गेट बंद कर लिया गया।  वहां ज्ञापन लेने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट उमेश मंगला बातचीत के दौरान आपा खो बैठे उनके मुंह से‘साला’ शब्द सुन कर प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गए और सिटी मजिस्ट्रेट को पीछे हटना पड़ा। करीब घंटे भर हंगामे की स्थिति बनी रही।
डीएम ने कहा आज शाम तक ठेका हटेगा
बरेली (ब्यूरो)।  एडीएम सिटी आलोक कुमार, एसपी सिटी राजीव मलहोत्रा और इंस्पेक्टर एमपी सिंह प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों को डीएम कार्यालय ले गए। वहां डीएम ने आश्वस्त किया कि बृहस्पतिवार शाम तक भट्टी अन्यत्र हटवा दी जाएगी। उससे पहले एडीएम प्रशासन अरुण कुमार और एसपी सिटी को मौके का सर्वे कर संयुक्त रिपोर्ट देने को कहा। देर शाम जांच पूरी हो गई और बृहस्पतिवार को रिपोर्ट डीएम को सुपुर्द होगी। प्रतिनिधिमंडल में सुमन उपाध्याय, राजकुमारी, विमला, सूरज शाह, मो. रजा आदि शामिल थे।
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यहां दुकान चलाना अदालत की अवमानना है
बरेली। जिलाआबकारी अधिकारी और शराब माफिया की मिलीभगत से चनेहटी में चल रही शराब की दुकान पर जागरण जनकल्याण संस्था ने कानून के हवाले से सवाल उठाते हुए इसे हटाने के लिए जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है।
संस्था के सचिव डॉ प्रदीप जागर ने कहा है कि उत्तर प्रदेश नंबर एंड लोकेशन ऑफ एक्साइज शॉप रूल्स 1968 के मुताबिक ऐसी कोई दुकान पब्लिक रिजार्ट, स्कूल , अस्पताल, धर्मस्थल, वर्कशॉप, फैक्ट्री,आवासीय परिसर के करीब और बाजार के गेट पर नहीं खोली जा सकती है। 25  फरवरी 2015 को सुपर्ीमकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार बनाम मनोज कुमार द्विवेदी व अन्य के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए यह भी साफ कर दिया था कि ऐसी दुकान की दूरी ऐसे स्थानों ने 100 मीटर अथवा 300 फुट से अधिक होनी चाहिए। चनेहटी की दुकान सप्ताह में दो बार लगने वाले बाजार के दरवाजे पर है, यहां से स्कूल 45 फुट पर और मंदिर 72 फुट की दूरी पर है । सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट कर चुका है कि राज्य सरकार राजस्व के लालच में किसी  दुकान का नवीनीकरण न करें। इस तरह इस मामले में आबकारी विभाग ने अदालत की अवमानना भी की है। उन्होंने दुकान को अन्यत्र हटाने की मांग करते हुए कहा कि इस बारे में तमाम प्रत्यावेदनों के बावजूद आबकारी अधिकारी कानून का पालन नहीं कर रहे हैं।

कई संगठनों ने दिया समर्थन
बरेली (ब्यूरो)। शराब भट्टी हटवाने की मांग पर सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में धरने की अगुवाई कर ही सुमन उपाध्याय, विमला, राजकुमारी आदि ने कहा कि आश्वासन के मुताबिक बृहस्पतिवार शाम तक लिखा- पढ़ी में कृत कार्रवाई की जानकारी मिलने पर ही आगे का रुख तय होगा। इसी बीच  श्री नाथ नगरी सेवा समिति, जिला सर्वोदय मंडल ने नेशनल पीस कमेटी ने आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। श्री नाथ नगरी सेवा समिति ने दामोदर स्वरूप पार्क में आंदोलनरत चनेहटी की महिलाओं के लिए स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए महापौर को बुधवार को ज्ञापन सौंपा। साथ ही मोबाइल शौचालय की भी वहां व्यवस्था कराने की मांग की ।
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क्रांतिवीर जनता सेवा समिति के सदस्यइस आंदोलन से पीछे हट गए हैं।
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