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लालच में अपने ही कर देते हैं ठगों के हवाले

Thu, 23 Apr 2015 01:22 AM IST
बरेली
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रुहेलखंड का बरेली जिला विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले कबूतरबाजों का हब बनता जा रहा है। डेढ़ साल पहले पीलीभीत बाईपास की एक कालोनी में आलीशान ऑफिस खोलकर बदायूं की लड़की और उसके कथित पति ने रामपुर और बरेली के तमाम लड़कों को अच्छी नौकरी दिलाने का लालच देकर मलेशिया भिजवा दिया था। वहां वर्क परमिट नहीं मिलने पर कई लड़कों को जेल जाना पड़ा। बाद में वहीं की सरकार ने लड़कों को भारत भिजवा दिया था। ठगी के इन मामलों में अपना की दगाबाज होता है। थाना इज्जतनगर इलाके के फरीदापुर चौधरी गांव के दो युवकों को उनके मौसेरे भाई ने ही लालच में ठगों को सौंप दिया था।
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थाना इज्जतनगर के गोविंदापुर गांव के नसीम अहमद ने अपने मौसेरे भाई नमरूद्दीन और आरिफ हसैन निवासी फरीदापुर चौधरी को ही ठगों के जाल में फंसवाकर मलेशिया भिजवा दिया। इसके अलावा तक्सीर बेग, मोहम्मद अजीम, मोहम्मद रफीक, मोईद खान भी नसीम के जरिए ही विदेश गए। गोविंदपुर गांव के बबलू को भी ठगी करके विदेश भिजवा दिया था। 17 दिन पहले विदेश भेजने का धंधा करने वाले सिद्धार्थ से लड़कों के परिवार वालों ने उन्हें वापस कराने की गुहार लगाई तो उसने दस हजार रुपये प्रति व्यक्ति से हिसाब से लेकर उन्हें बुलवा दिया। पीड़ितों का कहना है कि नसीम दिल्ली के जनकपुरी में रहने वाले सिद्धार्थ अहूजा का एजेंट है। सिद्धार्थ अहूजा के साथ रोहित और ठाकुर नाम के दो व्यक्ति और रहते हैं। मलेशिया ही नहीं और भी कई मुल्कों में अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर वह बेरोजगार युवाओं को ठग रहा है। विश्वास दिलाने के लिए नसीम अपने गांव के सरफराज से बात कराता था। सरफराज कहता है कि मुझे सिद्धार्थ ने अच्छी नौकरी दिला दी है। तीस हजार रुपये हर माह मिलते हैं। इसी लालच में आकर लड़के सिद्धार्थ की बात पर यकीन कर लेते हैं। पीड़ितों के मुताबिक उन्हें मॉल में नौकरी दिलाने के नाम पर मलेशिया भिजवाया गया। वहां जाने के बाद उनसे मजदूरी कराई गई।  निगम पार्षद गुड्डू ने बताया कि वह बुधवार को पीड़ितों के साथ आईजी से मिलने गए थे लेकिन उनके पास तहरीर नहीं थी। बृहस्पतिवार को तहरीर लेकर आईजी से मुलाकात करने के बाद उनसे आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लिखाने की गुहार लगाएंगे।

 
कर्जा लेकर भेजा था विदेश
फरीदापुर चौधरी के गांव से हर माह तीस हजार रुपये कमाने का सपना लेकर मलेशिया गए लड़कों से परिवार वाले उनके खाली लौटने के बाद कर्ज के बोझ से दब गए हैं। तक्सीर, अजीम, रफीक और मोईद सभी के परिवार वालों का कहना है कि उन्होंने अपने लाडलों को कर्जा लेकर विदेश भेजा था। घर की महिलाओं के जेवर तक गिरवीं रख दिए थे।
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तपती धूप में किए गए जुल्म
फरीदापुर चौधरी गांव के सईद का कहना है कि मलेशिया जाने वाले लड़कों पर वहां के लोगों ने बड़े जुल्म किए हैं। उनसे तपती धूप में ट्रकों में माल लोड कराया गया। अजीम का कहना है कि काम करने से मना करने पर मारपीट की जाती थी। जंगल में बंधक  बनाकर रखा जाता था। काम होने पर ठेकेदार एक-दूसरे को बेच दिया करते थे। घर आने की बात करने पर ठेकेदार कहते थे तुमको आतंकवादी बताकर पुलिस को सौंप देंगे।

आज की लौटा है अमरजीत सिंह
निगम पार्षद गुड्डू ने बताया कि चंडीगढ़ निवासी अमरजीत सिंह को भी सिद्धार्थ अहूजा ने मलेशिया भिजवाया था। उसे भी नौकरी नहीं मिली। मलेशिया में उसे बंधक बनाकर उत्पीड़न किया गया। बुधवार को किसी तरह वहां के लोगों के चंगुल से छूटकर आया है।
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