मुकदमों की विवेचना को लेकर पुलिस कितनी फिक्रमंद है इसका अंदाजा राज्यमंत्री अताउर्रहमान की रिश्तेदार महिला के केस में हो रही शिथिलता से पता चलता है। जिला अस्पताल से दो बार सैंपल जाकर कोतवाली से वापस लौट चुका है। संबंधित डॉक्टर भी इसे लेकर परेशान हैं।
मंत्री के भाई की साली बहेड़ी निवासी शबनम को 21 मार्च की शाम गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विषाक्त पदार्थ सेवन की स्थिति थी। शबनम के पिता सईद आलम ने बहेड़ी थाने में बेटी के छह ससुरालियों के खिलाफ दहेज की खातिर जहर पिलाकर मारने की कोशिश करने का मुकदमा दर्ज कराया था। ड्यूटी पर तैनात डॉ. विष्णु कुमार ने शबनम को उल्टियां कराईं। इसके साथ ही मुकदमे की विवेचना के लिए जरूरी सैंपल भी प्रिजर्व किया जिसकी लैब में जांच से जहर की प्रकृति पता लग सके। हालत में सुधार के बाद घरवाले शबनम को साथ ले गए। बावजूद केस के विवेचक इस सैंपल को लेने आज तक नहीं पहुंचे। चूंकि संबंधित थाने के स्तर से कार्रवाई न होने पर जिला अस्पताल से इस तरह के मामलों में रिपोर्ट कोतवाली भेजी जाती है। इसलिए यह सैंपल डॉ. विष्णु दो बार कोतवाली भेज चुके हैं। वहां से इसे बहेड़ी का केस बताकर वापस कर दिया जाता है। शुक्रवार दोपहर भी यही हुआ। डॉक्टर का कहना था कि सैंपल ज्यादा समय तक बाहर रहने से जांच के रिजल्ट पर असर पड़ सकता है।
वर्जन
हमें इस तरह की कोई जानकारी नहीं है। हमारे थाने से संबंधित मुकदमे से जुड़ा कोई सैंपल होता तो हम रिसीव करते, अस्पताल वालों को बहेड़ी पुलिस से ही संपर्क करना चाहिए। - शक्ति सिंह, कोतवाल
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मैं तो एक दिन अस्पताल गया था पर मुझे किसी ने सैंपल प्रिजर्व करने के बारे में बताया ही नहीं। कल ही जाकर संबंधित डॉक्टर से सैंपल ले लूंगा। - प्रवेश सिंह, एसआई बहेड़ी (विवेचक)