फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरेली में दिल्ली हाईवे किनारे शिक्षिका से गैंगरेप

Wed, 03 Aug 2016 01:22 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
बुलंदशहर कांड की सनसनी अभी थमी नहीं कि बरेली में भी दिल्ली हाईवे किनारे एक निजी स्कूल की शिक्षिका से तीन दरिंदों ने अगवाकर गैंगरेप कर डाला। सुबह सात बजे शिक्षिका स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी तभी बीच रास्ते से वैन सवार तीन युवकों ने उसका अपहरण कर लिया और परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया के आगे खेत के पास ले गए और वहां वैन में ही रेप किया। इस दौरान फोटो भी खींच लिये। डरी सहमी शिक्षिका घर पहुंची और परिजनों को जानकारी दी। दिन भर सदमे में रहे परिवार ने शाम साढ़े चार बजे के करीब सीबीगंज थाने में सूचना दी तो खलबली मच गई। पुलिस के आला अफसर मौके पर पहुंच गए। तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ गैंगरेप और धमकाने का मुकदमा दर्ज किया गया है, अपहरण की धारा नहीं लगायी गई है। इस मामले में आईजी जोन के आदेश पर सीबी गंज थाने के इंस्पेक्टर राकेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह ने स्थानीय वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर ली है।
विज्ञापन

शहर से सटे सीबीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली अविवाहित 19 वर्षीय युवती इलाके के ही एक पब्लिक स्कूल में शिक्षिका है। सुबह सात बजे वह स्कूल के लिए निकली। जब एक किलोमीटर आगे खड़ौआ रोड पर शिव ज्ञान डिग्री कॉलेज के पास पहुंची तो वैन सवार तीन युवकों ने उसे रोका। जब तक वह कुछ समझ पाती कि मुंह पर हाथ रखकर उसे वैन में डाल लिया। वहां से वे उसे वैन लखनऊ दिल्ली हाईवे (एनएच-24) के किनारे परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया से लगे रोड नंबर एक पर बंडिया के एक खेत के पास ले गए। वैन में ही शिक्षिका को हवस का शिकार बनाया। शिक्षिका के कपड़े भी फाड़ दिए और इस दौरान उसके फोटो खींच लिये। इसके बाद दरिंदे उसे मथुरापुर चौराहे पर छोड़ गए। धमकी दी कि यदि किसी को घटना के बारे में बताया तो फोटो इंटरनेट पर डाल देंगे।
किसी तरह छुपते-छुपाते करीब एक किलोमीटर चलने के बाद शिक्षिका अपने घर पहुंची। उसकी हालत देखकर घर वालों ने पूछा तो उसने सारी बात बता दी। शाम को करीब साढ़े चार बजे उसके परिजन शिक्षिका को लेकर सीबीगंज थाने पहुंचे। सनसनीखेज खबर सुनकर आईजी विजय सिंह मीना, डीआईजी आशुतोष कुमार, एसएसपी आरके भारद्वाज, एसपी सिटी समीर सौरभ समेत तमाम अफसर मौके पर पहुंच गए। शिक्षिका की मां की ओर से दी गई तहरीर पर गैंगरेप की धारा 376 डी और जान से मारने की धमकी की धारा 506 के तहत तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सर्च अभियान चलाया गया। पुलिस शिक्षिका को लेकर मौके पर गई और तीन घंटे तक उसे वहीं टहलाती रही, इसके बाद वापस थाने लाकर पूछताछ में जुट गए। देर शाम उसे मेडिकल के लिए अस्पताल लाया गया। फोरेंसिक टीम और पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने की कोशिश की लेकिन अभी कोई खास क्लू हाथ नहीं लगा है। वैन किसकी थी इस बारे में कोई जानकारी नहीं हो पायी है। दुष्कर्मियों की पहचान भी नहीं हो पायी है।
विज्ञापन

सीबीगंज में दिनदहाड़े गैंगरेप की वारदात होना गंभीर मामला है। इसमें कहीं न कहीं पुलिस की लापरवाही रही है। इसलिए इंस्पेक्टर को निलंबित करके पूरे मामले की छानबीन कराई जा रही है- विजय सिंह मीना, आईजी
वो चीखती रही, दरिंदे फोटो खींचते रहे
शिक्षिका गैंगरेप के दौरान चीखती रही लेकिन उसकी आवाज मुंह में ही घुंटकर रह गई। दरिंदगी के दौरान एक दरिंदा उसके मुंह पर हाथ रखे रहा और दूसरा उसकी फोटो खींचता रहा। पीड़िता आठ घंटे दर्द से कराहती रही। उसके घर वालों ने ढाढस बंधाया तब वह रिपोर्ट दर्ज कराने वह परिवार समेत थाने पहुंची। पब्लिक स्कूल में 1500 रुपये माह की नौकरी करने वाली शिक्षिका ने 17 जुलाई को ही स्कूल ज्वाइन किया था। वह गांव से पैदल चलने के बाद रोजाना मथुरापुर चौराहे तक आ जाती थी। यहां से स्कूल के प्रबंधक अरविंद गोला उसे बाइक से ले जाते थे। पिछले दो दिन से अरविंद ने तबियत खराब हो जाने पर उसे स्कूल लाने की जिम्मेदारी शिक्षक देवराज को दे दी थी। वह भी समय से उसे लेने के लिए नहीं पहुंचे। इसी बीच शिक्षिका को वैन सवार तीन लोगों ने तमंचे के बल पर सुबह सात बजे खड़ौआ रोड पर शिव ज्ञान डिग्री कालेज के पास से अगवा कर लिया। वहां से वे वैन लखनऊ दिल्ली हाईवे (एनएच-24) के किनारे परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया के रोड नंबर एक पर बंडिया गांव के पास एक खेत के किनारे ले गए। वैन में ही शिक्षिका को हवस का शिकार बनाने के बाद दरिंदों ने उसके फोटो खींच लिए। दरिंदों के मथुरापुर चौराहे पर छोड़ जाने के बाद पीड़िता करीब सवा नौ बजे घर पहुंची और पिता को अपना दर्द सुनाया। पीड़िता के पिता कैंफर फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। दोपहर करीब दो बजे वह घर पहुंचे तो बेटी को सदमे में देखकर उसका हौसला बढ़ाया। भाई ने तहरीर लिखकर उसे सीबीगंज में आकर टाइप करा लिया। इसके बाद माता-पिता पीड़िता को लेकर शाम करीब साढ़े चार बजे थाने पहुंच गए।   
कई बार बिगड़ी तबियत
पीड़िता शिक्षिका के आंसू नहीं थम रहे थे। पुलिस की निगरानी से दौरान उसकी कई बार तबियत बिगड़ी। मेडिकल के दौरान डॉक्टरों ने पीड़िता का चेकअप किया। थाने से मेडिकल को आते वक्त भी उसे चक्कर आ गया था। एसओ महिला थाने से उसे संभालकर जिप्सी में बैठाया। 
भाजपा विधायक ने पीड़िता का दर्द सुना
भारतीय जनता पार्टी के शहर विधायक डॉक्टर अरुण कुमार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात करके उनका दर्द सुनने के बाद उन्हें इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया।  
माता-पिता का हाथ बंटाती को की थी नौकरी
चार भाई बहनों में पीड़िता तीसरे नंबर है। बड़ी बहन की शादी हो चुकी थी। भाई को भी कोई ठीक से काम नहीं मिल पा रहा था। मां घर में ही परचून की दुकान चलाती थी। पीड़िता ने माता-पिता का हाथ बंटाने के लिए स्कूल में नौकरी कर ली थी। पीड़िता खुद कमाकर अपनी बीए की पढ़ाई कर रही थी। घर की माली हालत अच्छी नहीं है। पिता कैंफर फैक्ट्री में नौकरी करते हैं। 
पुलिस अपहरण की धारा ही खा गई 
सीबीगंज में दिनदहाड़े शिक्षिका को अगवा करने के बाद गैंगरेप की घटना की रिपोर्ट दर्ज करने में भी खेल कर दिया। यह बात तो जगजाहिर थी कि शिक्षिका को वैन से अपहरण करके परसाखेड़ा में ले जाया गया था। तहरीर में भी पीड़िता की मां ने इसका जिक्र किया, लेकिन पुलिस ने मुकदमा आईपीसी की धारा 376 डी यानी गैंगरेप और 506 धमकाने के आरोप में लिख लिया। जबकि तहरीर के मुताबिक अपहरण की धारा 364 भी मुकदमे में लगाई जानी चाहिए थी। इस मामले में थाने से मुंशियों से जानकारी की गई तो उनका तर्क था कि गैंगरेप की धारा लगने के बाद अपहरण की जरूरत नहीं रहती है। गैंगरेप बड़ा अपराध हो गया, इससे पहले अपहरण की धारा का कोई औचित्य नहीं बनता है। बाद में जब मुंशियों के तर्क का विरोध किया गया तो कहने लगे विवेचना होने में और भी धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। विवेचक चाहेगा तो अपहरण के अलावा भी धारा बढ़ा सकता है। 
डॉग स्क्वाड को भी कुछ नहीं मिला
घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने डॉग स्क्वायड को बुलाया, लेकिन वह भी कोई सुबूत नहीं तलाश पाया। फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर कुछ हासिल नहीं कर पाई। महिला पुलिस ने शिक्षिका को जिप्सी से ही नहीं उतारा। 
आखिर क्या छुपाना चाहती थी पुलिस
 गैंगरेप का मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने पीड़िता की मीडिया से बात न कराकर पता नहीं क्या छुपाना चाहती थी। यह सवाल देर रात तक बना रहा। हालांकि अफसरों का कहना है कि शिक्षिका की मां बात कर रही थीं। पीड़िता बहुत परेशान थी, वह खुद ही बात नहीं कर पा रही थी।
विज्ञापन

  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें