खुद को स्वामी दिव्यानंद संडीला वाले का उत्तराधिकारी बताने वाले बाबा वीरपाल भमोरा के दलिपुर गांव में सत्संग आयोजन के बाद एक गांव के प्रधान की पौत्री को लेकर फरार हो गया। प्रधान का भतीजा अपनी बेटी को लेकर सत्संग के बाद बाबा के घर पर ही सोया था। सुबह बाबा और किशोरी के गायब होने के बाद हंगामा मच गया। भमोरा थाने की पुलिस ने खोजबीन शुरू की। दोपहर तक बाबा वीरपाल और किशोरी की लोकेशन बदायूं के बार्डर पर स्थित एक गांव में मिली। पुलिस ने छापामारी की, लेकिन बाबा को पकड़ा नहीं जा सका। भमोरा थाने में पिता ने बेटी को भगाने की रिपोर्ट बाबा के खिलाफ दर्ज कराई है।
आंवला के एक गांव निवासी किसान अपनी पंद्रह वर्षीय बेटी को लेकर भमोरा के दलिपुर गांव में बाबा वीरपाल के आश्रम पर आए थे। बाबा वीरपाल संडीला के गुरु महाराज स्वामी दिव्यानंद का उत्तराधिकारी होने का दावा करता है। शनिवार को उसने सत्संग का आयोजन किया था। दिन में सत्संग होने के बाद बाबा ने किसान को बेटी के संग उनके घर पर ही ठहरने का दबाव बनाया। बाबा के कहने पर किसान ने उनके घर पर ही खाना खाया, फिर एक कमरे में वह सो गया। किसान के मुताबिक सुबह उठने पर उसकी बेटी गायब थी। जब बाबा और उनके अनुयायियों के बारे में पता किया तो सभी गायब थे। उन्होंने परिवार को खबर दी। जिसके बाद गांव में हंगामा मच गया। भमोरा पुलिस भी बाबा के कथित आश्रम पर पहुंची और तलाशी ली। पीड़ित पिता ने बाबा के खिलाफ भमोरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
किशोरी की बरामदगी के लिए पुलिस टीमों को लगा दिया गया है। बाबा से संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। बाबा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जल्द उसको पकड़ लिया जाएगा। - जोगेंद्र कुमार, एसएसपी बरेली