रामनगर /आंवला। अवैध प्रसव और गर्भपात केंद्र चलाने वाली एक दाई ने अपने यहां हुई एक डिलीवरी के बाद एक बच्ची को बेच दिया। हालांकि और रकम के लालच में वो फंस गई। दो दिन बाद बच्ची के जुदा होने से नाराज दंपति ने चौकी में शिकायत की तो भेद खुला। पुलिस ने दाई से बच्ची लेकर फिलहाल शिकायतकर्ता की सुपुर्दगी में दी है, हालांकि दाई पर कार्रवाई न करने से पुलिस की भूमिका सवालों में है।
रामनगर निवासी एक दाई ने सिरौली क्षेत्र के बरसेर में एक दुकान खोली है। यहां वो प्रसव से गर्भपात कराती है। दो फरवरी को उसके यहां बच्ची पैदा हुई। गांव वालों में चर्चा है कि बच्ची किसी बिन ब्याही मां की थी जिसके घरवाले मोटी रकम देकर बच्ची दाई के पास ही छोड़ गए। वहीं दायी का कहना है कि वो एक गरीब दंपती की बच्ची थी, उनके पहले से तीन बेटी हैं। इसलिए वे उसे नहीं ले गए। आरोप है कि दाई ने चार फरवरी को दस हजार में बच्ची रामनगर के दंपति को दे दी। पूरी रकम न मिलने या और रुपया हड़पने के चक्कर में दाई बुधवार को इस दंपति के पास पहुंची और कहा कि बच्ची को देखने उसकी बुआ आई है। वह बच्ची को ले आई। शाम तक बच्ची वापस न मिलने पर दो दिन उसे पालने वाली महिला बदहवास हो गई। दाई ने बच्ची देने से इंकार किया तो दंपति ने रामनगर चौकी में शिकायत कर दी। पुलिस ने दाई को बच्ची समेत बुला लिया। यहां दोनों पक्ष एकदूसरे पर आरोप लगाते रहे। पुलिस ने बच्ची को दंपति की सुपुर्दगी में देकर दाई को छोड़ दिया है। इस मामले में अभी तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
असली मां का नहीं बताया नाम
चौकी प्रभारी विपिन कुमार को दाई ने उस महिला का नाम-पता नहीं बताया जो डिलीवरी के बाद बच्ची छोड़ गई थे। कह रही थी कि घरवाले बच्ची को मारना चाहते थे पर उसने ऐसा नहीं करने दिया और बिना किसी रकम जरूरतमंद परिवार को सौंप दिया। वहीं, बच्ची को पालने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह मजदूर है। उसके तीन बेटे हैं। बेटी की चाहत में बच्ची ले ली। वे लोग उसे पालना चाहते हैं। हालांकि पुलिस ने साफ कह दिया कि बच्ची चाइल्ड केयर सेंटर भेजी जाएगी। कानूनी प्रक्रिया के बाद ही किसी को मिल सकती है।
बच्ची को खरीदने व बेचने का मामला संज्ञान में नहीं है। आंवला कोतवाली पुलिस से जानकारी की जाएगी। आरोप सही हैं तो नियमानुसार रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई होगी। - मुनिराज जी., एसएसपी
मामला संज्ञान में नहीं है। गुरुवार को जांच कराएंगे कि ऐसा कोई गर्भपात केंद्र संचालित है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देकर कार्रवाई कराएंगे। -डॉ. अजय कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी रामनगर