बिजली विभाग में कई अफसर फर्जी टीमों से चेकिंग करा रहे हैं। दिन भर वसूली के बाद हिस्सा बांटा जाता है। एक फर्जी चेकिंग टीम पब्लिक के हाथ चढ़ गई तो उसमें शामिल लोगों को जमकर पीटा गया। फर्जी टीम में एक्सईएन का ड्राइवर भी शामिल था। कनेक्शन चेकिंग में पकड़े गए सात लोगों पर एफआईआर कराई गई है।
मंगलवार दोपहर एक ओर व्यापारी संगठन भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के विरोध में चीफ इंजीनियर कार्यालय परिसर हंगामा और प्रदर्शन कर रहे थे, उसी दौरान एक फर्जी चेकिंग टीम पीलीभीत बाईपास स्थित सनराइज कॉलोनी में वसूली कर रही थी। इस टीम को एसडीओ और जेई कई दिनों से तलाश रहे थे। कुछ विवाद होने पर जब टीम के लोग कॉलोनी वालों से उलझे तो लोगोें ने इसकी सूचना विभाग को दी। एसडीओ हरिओम तुरंत हरुनगला से स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक पब्लिक उनकी धुनाई कर चुकी थी। जब स्टाफ ने ‘बड़े’ साहब के ड्राइवर नवाब को देखा तो हैरत में आ गए। पूछने पर उसने बताया कि वह एक्सईएन साहब के निर्देश पर रोजाना चेकिंग करता है। एसडीओ कॉलोनी वालों से मामले की जानकारी लेने लगे तभी नवाब और उसका साथी नासिर वहां से खिसक गए। बाकी पांच सदस्यों को हरुनगला उपकेंद्र लाया गया। स्टाफ ने फिर उनकी धुनाई की और उनसे वसूली की जानकारी ली। बताया कि फाइक, सनसिटी, ग्रीन पार्क, पशुपति विहार, पवन विहार, आकाश पुरम समेत सभी प्रमुख कॉलोनियों से कनेक्शन चेकिंग के नाम पर जमकर वसूली करते है। ‘बड़े’ साहब का ड्राइवर साथ रहता था सो उनके हौसले बुलंद थे। फर्जी टीम पकड़े जाने की जानकारी एक्सईएन रंजीत चौधरी को दी गई तो उन्होंने फोन पर पूछा कि क्या यह लोग बता कर नहीं गए थे?
शहर में सक्रिय हैं कई टीमें
शहर में दर्जन भर से ज्यादा फर्जी बिजली चेकिंग टीमें सक्रिय हैं। कुछ एसडीओ और जेई इनको संरक्षण देते हैं। सनराइज कॉलोनी में पकड़ी गई टीम का नेतृत्व कर रहा नवाब नगरीय विद्युत वितरण खंड चतुर्थ का ड्राइवर है। विभाग ने थाना बारादरी में फर्जी टीम सदस्य फरजन खां, हसन, सुनील, अरशद, नासिर, नवाब, राहुल पर एफआईआर दर्ज कराई है। इससे पहले भी शहर में कई बार फर्जी टीमें पकड़ी गईं लेकिन अफसरों ने किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने दी।
चीफ इंजीनियर बोले, जांच होगी
चीफ इंजीनियर एसके सक्सेना ने फर्जी टीमें सक्रिय होने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि सनराइज कॉलोनी में टीम पकड़े जाने के प्रकरण की जांच होगी। दोषी पाए जाने पर इसमें लिप्त विभागीय लोगों पर कार्रवाई होगी।