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अब नहीं पकड़ा जाएगा मेयर को धमकी देने वाला

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बरेली। मेयर उमेश गौतम को स्विट्जरलैंड से प्रोटोडॉटकाम के जरिये ईमेल पर धमकी देने वाला शख्स अब नहीं पकड़ा जाएगा। एक साल बाद क्राइम ब्रांच ने केस की फाइल बंद करके कोर्ट में जमा कर दी है। एसपी क्राइम रमेश भारतीय का दावा है कि मामले में सुरागकशी जारी है, अगर कोई ठोस बात सामने आती है तो फाइल को दोबारा खोल लिया जाएगा।
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मेयर उमेश गौतम को अब तक तीन बार धमकियां मिल चुकी हैं। पहली धमकी 10 जनवरी 2017 को अतिक्रमण अभियान रोकने के लिए स्विट्जरलैंड से ईमेल कर मेयर को जान से मारने की दी गई थी। इसमें कहा गया था कि शहर में चल रहे अतिक्रमण अभियान को बंद कर दिया जाए, नहीं तो मेयर और उनके परिवार को जान से मार दिया जाएगा। इस पत्र में आतंकियों के कनेक्शन का जिक्र भी था। मामला थाने की पुलिस से क्राइम ब्रांच तक पहुंचा। इंटरपोल, सीबीआई की विंग तक भेजा गया। लेकिन प्राक्सी का इस्तेमाल करके धमकी दी गई है, इसलिए पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा।
हाल में एडीजी पद पर पदोन्नत होकर लखनऊ यूपी 100 ट्रांसफर हुए ध्रुव कांत ठाकुर ने एक साल से चल रहे केस की प्रगति रिपोर्ट तलब की थी। मेयर की धमकी प्रकरण में जांच आगे नहीं बढ़ पाने की वजह से केस बंद करने की सहमति बनी थी। जिसके बाद बीती 10 जनवरी को केस के विवेचक मुकेश मिश्रा ने एफआर लगा दी।
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ये मामले भी आए थे सामने
- 21 मार्च को राहुल सक्सेना नाम के किसी शख्स ने मेयर को पत्र लिखकर आगाह किया था कि उनकी हत्या की सुपारी दी गई है। इसमें किला के हिस्ट्रीशीटर समेत पांच लोगों के नाम दिए गए थे। मेयर की तरफ से इन धमकियों के बाद खुद को सुरक्षा देने की मांग की गई थी। इस पर शासन ने इस मामले में जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। जिला प्रशासन ने मेयर को जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने पर सहमति जताई।
- 30 मई 2018 को फिर मारने की धमकी मिली है। मेयर के मुताबिक उन्हें पिछले कुछ दिनों से दो मोबाइल नंबर से धमकियां मिल रही हैं। फ ोन करने वाला अपना नाम गोपाल शर्मा बता रहा है। इस दफ ा उसने परिवार सहित मेयर को बम से उड़ाने और नेस्तनाबूद करने की धमकी दी है। इस केस में एक आरोपी को पकड़कर जेल भेजा जा चुका है।
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‘अधिकारियों से विमर्श के बाद यह केस बंद किया गया है। अगर कोई ठोस बात सामने आती है तो केस को दोबारा खोल लिया जाएगा।’
- रमेश भारतीय, एसपी क्राइम
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