बरेली। करगैना बीडीए कॉलोनी से लापता पूर्व सिपाही के 12 साल के बेटे मनमीत का तीसरे दिन भी सुराग नहीं लगा। सुभाषनगर पुलिस ने सहारनपुर तक जांच-पड़ताल कर ली है, जहां उनकी पत्नी सीओ क्राइम के दफ्तर में कांस्टेबल हैं। प्राथमिक तौर पर वही संदेह के घेरे में हैं।
इकबाल सिंह ने सिपाही के पद से वीआरएस ले लिया था। शुक्रवार को उन्होंने सुभाष नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बृहस्पतिवार दोपहर घर के बाहर मैदान में खेलते वक्त उनका बेटा मनमीत सिंह लापता हो गया था। इकबाल के मुताबिक साथ खेल रहे बच्चों ने बताया कि मुंह पर कपड़ा बांधकर आई महिला ने इशारे से मनमीत को बुलाया था। सुभाषनगर पुलिस को पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी सहारनपुर में सीओ क्राइम दफ्तर में कांस्टेबल हैं। वह पत्नी से अलग रहते हैं, लेकिन खास तनातनी नहीं है। मनमीत पहले अपनी मां के पास ही रहता था। खुद पत्नी ने उसे उनके पास भेजने की इच्छा जताई थी। दो महीने पहले खुद उसे लाकर यहां एडमिशन करवा गई थीं। बीच में तीन बार आकर कुछ दिन साथ रहीं। वे समझ नहीं पा रहे हैं कि बेटे को कौन ले गया। इंस्पेक्टर हरिश्चंद्र जोशी ने बताया कि उन्होंने सहारनपुर पुलिस से संपर्क साधा तो पता चला कि इकबाल की पत्नी फिलहाल ड्यूटी पर नहीं आ रही हैं। उनके घर पर भी ताला लगा है और मोबाइल अंदर ही बज रहा है। प्राथमिक तौर पर लग रहा है कि मनमीत को उसकी मां ही ले गई हैं। हालांकि असलियत का पता उनके मिलने पर चल सकेगा। इकबाल सिंह का कहना है कि पत्नी उनकी जानकारी में ऐसा करती तो कोई दिक्कत नहीं थी। उन्हें डर है कि इसके पीछे कोई और साजिश न हो।