बरेली। छोटी सी ही उम्र में इस कदर शौक पाल लिए कि खर्चे पूरे करने के लिए 10वीं और 12वीं में पढ़ने वाले मोबाइल फोन लूटने लगे। मोबाइल फोन की लूट की एक घटना के बाद पीड़ित की निशानदेही पर पकड़े गए तीन लड़कों को पकड़ा गया तो पुलिस भी यह जानकर हैरान रह गई कि इनमें एक पेट्रोल पंप मालिक का बेटा है और दो सरकारी कर्मचारियों का। तीनों ने लूट की कई घटनाएं भी कबूल कीं। पुलिस ने पूछताछ करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया।
इज्जतनगर के गांव सैदपुर हाकिंस के रहने वाले रिजवान का मोबाइल बृहस्पतिवार दोपहर एक बाइक पर सवार तीन लड़के लूटकर भाग गए थे। रिजवान ने उन्हें पहचान लिया और पुलिस को सूचना दे दी। रिजवान की निशानदेही पर पुलिस ने तीनों लड़कों को राजेंद्रनगर के शील चौराहे के पास से पकड़ लिया। पूछताछ में इन्होंने अपना नाम सुभाषनगर की सुशील बिल्डिंग निवासी यशराज गुप्ता (18), सुभाषनगर की तिलक कॉलोनी निवासी सचिन चौधरी (19) और कोतवाली क्षेत्र की हाईडिल कॉलोनी निवासी सौरभ पटेल (18) बताया। इनमें दो 12वीं और एक 10वीं का छात्र है। तीनों लड़के प्रेमनगर और इज्जतनगर के इलाके में लोगों से मोबाइल लूटने की वारदातें करते थे। पूछताछ में पता चला कि एक लड़के के पिता का मिनी बाईपास पर पेट्रोल पंप है जबकि दूसरे के पिता नगर निगम में सुपरवाइजर और तीसरे के पिता बिजली विभाग में हैं।
पकड़े गए लड़कों ने शुक्रवार को भी सौ फुटा रोड पर पीलीभीत निवासी छात्र अनुज कुमार से मोबाइल लूटा था। पूछताछ में उन्होंने यह घटना कबूल भी की। अनुज यहां स्नातक की परीक्षा देने आए थे। लड़कों ने बताया कि वे लोग अपने जेब खर्च के लिए लूट करते हैं। पुलिस ने उनके पास से चार मोबाइल और एक बाइक बरामद की है।
एक लुटेरे के भाई पर भी कई केस
लूट के आरोपी एक छात्र के भाई को भी कुछ दिन पहले कोतवाली पुलिस ने एक चोरी की स्विफ्ट कार के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया कि इनके परिवार के और लोगों पर भी एनडीपीएस समेत कई मुकदमे दर्ज हैं।