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भाजपा का झंडा लगी लक्जरी कार में मिला गोमांस

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हाफिजगंज (बरेली)। लक्जरी कार पर भाजपा का झंडा लगाकर उसे गोमांस की तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर हाफिजगंज पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ने की कोशिश की तो पशु तस्करों ने पुलिस का बैरियर तोड़ दिया। लगातार पीछा करने के बाद वे कार छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने कार में पिछली सीट के नीचे रखा पांच क्विंटल गोमांस बरामद किया है।
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पुलिस के मुताबिक दिल्ली नंबर की कार में गोमांस पीलीभीत की ओर से बरेली लाया जा रहा था। सूचना मिलने पर एसओ सौरभ सिंह ने एसआई शनि कुमार को फोर्स के साथ भेजा। काढू पुल के पास घेराबंदी की गई। सुबह चार बजे कार आई तो पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन तस्करों ने गाड़ी दौड़ा दी। पुलिस ने उसका पीछा करने के साथ रिठौरा चौकी पर बैरियर गिराने का संदेश भेजा। तस्कर यह बैरियर तोड़कर आगे निकल गए। पुलिस ने फिर भी पीछे लगी रही तो तस्कर बाजार के पास गाड़ी छोड़कर खेतों में भाग निकले। पुलिस ने गाड़ी खोलकर देखी तो पीछे वाली सीट के नीचे बोरों में पांच क्विंटल गोमांस रखा गया था। पुलिस ने गाड़ी को क्रेन से खिंचवाकर थाने ले आई। डॉक्टरों से मांस का परीक्षण कराने के बाद अज्ञात तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

दिल्ली के वंदन गुप्ता की है कार
तस्करी में इस्तेमाल होंडा सीआरवी कार के नंबर की पुलिस ने जांच की तो कार का मालिक दिल्ली निवासी वंदन गुप्ता निकला। कार दिल्ली के साउथ जोनल ऑफिस से पंजीकृत है। पुलिस अब कार मालिक से संपर्क करेगी। हालांकि आशंका है कि कार चोरी की हो सकती है। थाना प्रभारी सौरभ सिंह ने बताया कि तस्करों ने भाजपा का झंडा शायद इसलिए लगा रखा था कि कोई गाड़ी रोकने की कोशिश न करे।
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हाफिजगंज पुलिस के हाथ नहीं आते पशु तस्कर
24 अप्रैल को पिकअप में घुमंतू पशुओं को भरकर ले जा रहे तस्करों को भंडसर के पास घेराबंदी करके रोका गया तो उन्होंने गाड़ी पुलिस पर चढ़ा दी। इसके बाद घेराबंदी कर पिकअप में सवार दो तस्कर पकड़े गए थे लेकिन बाकी भाग निकले। गाड़ी में सात गोवंशीय पशु और उन्हें काटने के उपकरण मिले।
- 27 मार्च को चेना गांव में तस्कर गोवंशीय पशुओं को काटकर उनके अवशेषों को खेत में फेंककर भाग गए थे। पुलिस उन्हें नहीं पकड़ सकी।
- 23 जनवरी को सेंथल के बंद मकान में गोवंशीय पशु को काटा जा रहा था, पुलिस ने छापा मारकर एक को पकड़ा मगर तीन तस्कर भाग निकले।
- 12 फरवरी को तस्कर गांव ढकिया के रामस्वरूप के घर से पशुओं को चुराकर ले जा रहे थे। गांववालों ने घेरा तो तस्कर उन पर फायरिंग कर भाग निकले।
- 11 नवंबर को लक्जरी कार में तीन गोवंशीय पशुओं को तस्कर ले जा रहे थे, पुलिस ने सेंथल के पास घेरा तो तस्कर कार छोड़कर भाग गए।

- सत्तापक्ष की पार्टी का झंडा पशु तस्करों ने धोखा देने को लगाया होगा। कार बरामद हो गई है, पशु तस्करों को भी जल्दी पकड़ लिया जाएगा। - डॉ, संसार सिंह, एसपी देहात
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