बरेली। जिला जेल में रविवार को आने वाले मुलाकातियों को कंप्यूटर के जरिए पर्ची मुहैया कराई गई। बीएसएनएल नेट कनेक्टिविटी नहीं मिलने की वजह से निजी कंपनी के नेट का इस्तेमाल करके पर्ची जनरेट की गई। शाम तक 56 बंदियों के परिवार ऑनलाइन जनरेट हुई पर्चियों की मदद से मिले। इसके लिए पांच रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।
ई-प्रिजनर सिस्टम के तहत एनआईसी के पोर्टल पर लिंक दिया गया है। इसकी मदद से लोग घर बैठे बंदियों से मुलाकात का दिन और समय निर्धारित कर सकते हैं। वहीं जेल प्रशासन भी कंप्यूटर पर ही मुलाकातियों पर निगरानी रख सकेगा। यह योजना जेल में नेट कनेक्टिविटी नहीं मिलने की वजह से शुरू नहीं हो पा रही थी। रविवार को निजी कंपनी के नेट के जरिये कंप्यूटर से ऑनलाइन पर्चियां बुक की गई। जिला जेल अधीक्षक उदय प्रताप सिंह ने बताया कि सभी बंदियों को सीआईडी कोड दिए जा रहे हैं। इन्हें वह अपने परिजनों को देंगे। पोर्टल पर यह नंबर डालने के बाद कैदी की पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। इससे नाम टाइप करने में गलती होने पर परिवार के लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।