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दर्द से कराह रही है मासूम

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rape
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बरेली।
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महिला अस्पताल के बेड नंबर आठ पर चादर में लिपटी बच्ची की पीड़ा देखकर आसपास के लोग दहल भी रहे हैं। दर्द के कारण बच्ची नींद में भी मचल जाती है, अम्मी को आवाज देती है तो दादी बच्ची के माथे पर हाथ रखकर उसे प्यार करते हुए दोबारा सुलाती हैं। दादी बोलीं, मां कमजोर दिल की है, कल रात जब बिटिया को इस हाल में देखा तब से उसे होश नहीं है। इसलिए उसे घर छोड़ आए हैं। बच्ची एक बार उठी, पैर की तरफ इशारा करके दर्द बताने लगी। बच्ची ने बताया, ‘बहाने से दो लोग उसे साइकिल पर बैठाकर जंगल में ले गए और उससे गंदी हरकतें की। जब वह रोई तो उसे पीटा भी।’ बच्ची के चेहरे पर दहशत साफ दिख रही थी।

हिम्मत बंधाने इलाके के लोग भी पहुंचे
नवासी का हाल जानने शनिवार सुबह बच्ची की नानी भी पहुंच गईं। अपनी समधन को वह ढांढस बंधाने लगीं। 15 दिन में दूसरी रेप की घटना से नवाबगंज के लोग सिहर उठे हैं, यह तब देखने को मिला जब नवाबगंज की तीन महिलाएं बच्ची का पता पूछते हुए वार्ड तक पहुंचीं जहां बच्ची भर्ती है। महिलाओं ने बताया कि वे कुछ काम से बरेली आईं, उन्हें घटना का पता लगा तो बच्ची का हालचाल लेने अस्पताल आ गईं।
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बच्ची अब खतरे से बाहर है। बच्ची के प्राइवेट पार्ट की सर्जरी की गई है। बच्ची को डर से बाहर निकालने के लिए उसे बहलाने की कोशिश कर रहे हैं। अभी रिकवर होने में 10 से 15 दिन का समय लगेगा। परिवार वालों को भी कहा गया है कि उसके सामने सामान्य व्यवहार करें। - डॉ. अनीता धस्माना, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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नहीं हो सके बयान
कोतवाल सदर गीतेश कपिल ने कांस्टेबल को बच्ची के बयान लेने भेजा। हालांकि उस वक्त सर्जरी की प्रक्रिया चल रही थी जिस कारण बच्ची के बयान दर्ज नहीं हुए। पुलिस बयान के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही है कि क्या 15 दिन पहले आठ साल की बच्ची से बलात्कार करने वाले ने ही घटना को अंजाम दिया है।
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