सुप्रीमकोर्ट के ताजा फैसले के बाद तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं में न्याय की आस जगी है। पंद्रह दिन पहले ऐसे ही वाकये से दो-चार हो चुकी एक महिला गुरुवार को एसएसपी दफ्तर पहुंची। यहां एसएसपी की गैर मौजूदगी में शिकायतें सुन रहे एसपी ट्रैफिक को पत्र सौंपकर उसने पति समेत चार ससुरालियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की।
अलीगंज के मोहल्ला हैदरगंज निवासी रुखसार शहर के लीची बाग में ब्याही है। रुखसार के तीन बच्चे हैं। महिला ने बताया कि जब वह छह साल की थी तभी उसके पिता का निधन हो गया। उसकी मां ने किसी तरह उसे पाला और रिश्तेदारों की मदद से उसकी शादी की। उसके पति, सास, ननद और देवर उसे काफी समय से दहेज में पचास हजार रुपये और बुलेट बाइक लाने के लिए दबाव बना रहे थे। सास का कहना था कि शादी के वक्त कम दहेज मिलने पर उन लोगों ने कुछ नहीं कहा पर अब तुम्हारे दोनों भाई कमाई कर रहे हैं तो दहेज देना ही चाहिए। दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। एक बार धोखे से मच्छर मार दवा भी पिला दी। रुखसार ने बताया कि पति उसे उसके मायके छोड़ आया था। कुछ रिश्तेदारों की पैरवी पर इसी 11 अगस्त को वह फिर ससुराल आई। तब पति ने उसे तीन तलाक कहकर उसके घर भेज दिया। अब पता लगा है कि पति दूसरी शादी करने की कोशिश में है। रुखसार ने पति समेत चारों लोगों पर कार्रवाई की मांग करते हुए उसे और उसके बच्चों को भरणपोषण भत्ता दिलाने की मांग की। एसपी ट्रैफिक ने उसे कार्रवाई का आश्वासन दिया।