फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दरिंदे ड्राइवरों के हाथों में बच्चों की जिंदगियां- 5 किलोमीटर तक बाइक को घसीटा इसीलिए बस में लगी आग

विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदपुर (बरेली)। घर से लाड़लों को स्कूल कॉलेज भेजने वाले अभिभावक अंजान हैं कि उनके लाड़लों की जिंदगियां दरिंदे ड्राइवरों के हाथ में हैं। गुरुवार दोपहर बाद हाईवे पर जलती बाइक को नीचे फंसाए बेतहाशा दौड़ती बस देख हर कोई अवाक था। बस में आग भी इसीलिए लगी चूंकि बाइक को वह पांच किमी खींचती ले गई। बाहर बाइकर्स तो अंदर छात्र छात्राएं चीख रहे थे पर ड्राइवर खतरे से अंजान पिटाई के डर से रेस दिए जा रहा था। दरोगा रिवाल्वर दिखाकर न रोकते तो बड़ा हादसा होना तय था। बस में आग की वजह से पुलिस ने लखनऊ हाईवे पर वाहन रोके जिससे करीब डेढ़ घंटे जाम लगा रहा।
विज्ञापन

बस से बाहर निकाले छात्र छात्राएं कांप रहे थे। छात्र सुमित ने बताया कि केसरपुर के कट पर एक्सीडेंट के बाद ड्राइवर बशीर को अंदाजा हो गया कि बाइक सवारों में से एक या दोनों की मौत हो गई होगी। तब खुद को सेफ करने के लिए वह बस दौड़ाने लगा। बस में नीचे खटपट हो रही थी पर तब तक ड्राइवर या उन लोगों को ये अंदाजा नहीं था कि बाइक नीचे ही फंसी हुई है। थोड़ा आगे बढ़कर उन्होंने देखा कि बाइक सवार कई लोग बस के पीछे पड़े हैं। वे साइड से आगे आकर ड्राइवर को बस रोकने का इशारा कर रहे हैं। इससे ड्राइवर और डर गया। उसने सोचा कि ये लोग एक्सीडेंट हुए लोगों के परिचित हैं और बस रोकने पर उसकी पिटाई तय है। सुमित के मुताबिक उन लोगों ने बशीर से कहा कि वह बस रोक दे, वे लोग इनसे बात कर लेंगे पर घबराए बशीर ने बस और तेज दौड़ा दी। टोल प्लाजा से पहले बाइक की टंकी फटने से उसमें आग लग गई थी। सिपाही परमवीर ने डंडा दिखाकर बस रोकने की कोशिश की पर बशीर नहीं रुका, जब दरोगा रामेश्वर सिंह ने सर्विस रिवाल्वर ड्राइवर की ओर ताना तब उसने एक साइड में बस रोक दी। तब उन लोगों ने देखा कि बस के पिछले हिस्से में लपटें उठ रही हैं। स्टूडेंट में पहले निकलने को लेकर भगदड़ मच गई। टैंकर ड्राइवर संजय पंडित ने भी स्टूडेंट को निकालने में मदद की। एक छात्रा अंदर गिर गई जिसे पुलिस ने निकाल लिया। पांच मिनट बाद ही टायर में आग लगी और पूरी बस लपटों से घिर गई। तब उन्हें अहसास हुआ कि बस न रुकती तो क्या हो सकता था। स्टूडेंट की संख्या को लेकर असमंजस था, ड्राइवर करीब 25 तो मौके पर मौजूद लोग 45 बता रहे थे। कॉलेज प्रबंधन के नंबर रिसीव न होने से इसकी प्रमाणिक पुष्टि भी नहीं हो सकी। सीओ, तहसीलदार और इंस्पेक्टर मौके पर रहे।

बस्ते और थर्मस स्वाह, दमकल ने पाया काबू
- बस से निकलने की जल्दी में कई छात्राओं के बस्ते, थर्मस आदि सामान बस में छूट गया। कुछ ही मिनटों में बस स्वाह हो गई। स्टूडेंट्स को पुलिस ने दूसरे वाहनों से घर भेज दिया। फरीदपुर के अलावा बरेली से पहुंची दमकल ने करीब आधे घंटे में आग पर काबू पाया।
विज्ञापन


ड्राइवर बोला- मददगारों को गलत समझ बैठा
पुलिस हिरासत में ड्राइवर बशीर का कहना था कि पीछे दौड़ रहे लोगों को देखकर वह डर गया था। समझ रहा था कि बस रोकी तो ये जिंदा नहीं छोड़ेंगे, वे मेरे मददगार हैं ये पता नहीं था। अब अहसास हुआ, अगर बस न रुकती तो कुछ नहीं बचता। उसने बताया कि बस में शाहजहांपुर के कटरा तक के स्टूडेंट थे जिन्हें वो रोज लाता और ले जाता है।

बैग में रखे हजारों रुपये राख
बस में फंसी बाइक को जब निकाला गया तो साइड बैग में एक हैंड बैग रखा मिला। इसमें काफी रुपये जले हुए मिले। पिता की मौत और बेटे के घायल होने से ये पता नहीं लग सका कि कितने रुपये थे पर माना जा रहा है कि रकम ज्यादा रही होगी जो शायद होटल या बैंड आदि बुकिंग को देने जा रहे होंगे।

व्यापार मंडल ने शोक जताया
फरीदपुर। युवा व्यापार मंडल के मंत्री रवि और उनके पिता राकेश राठौर के साथ हुई घटना के बाद संगठन ने एक सभा की। राकेश की आत्मशांति के साथ ही रवि के जल्दी ठीक होने की कामना की गई। यहां वीरेंद्र अग्रवाल, महावीर जायसवाल, ब्रह्माशंकर गुप्ता, अनुज शुक्ला, डब्लू भारद्वाज, अनुज पांडे, शुभम गुप्ता आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें