बरेली। दरगाह आला हजरत के उर्स में शिरकत आए जायरीन से भरे बारातघर में आग लगाने की साजिश का खुलासा करने वाले बारातघर मालिक से पुलिस वीडियो फुटेज हासिल नहीं कर पा रही है। शुक्रवार को भी पांच बार बारातघर मालिक से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। बारादरी थाना प्रभारी सतीश कुमार ने अब इस मामले की जांच जगतपुर चौकी इंचार्ज को सौंप दी है।
बारादरी के मुन्ना खां के नीम के पास सैयद जफर अली का पैराडाइज बारातघर है। तीन नवंबर की रात उनके बारातघर में उस वक्त आग लग गई थी, जब वहां करीब 700 जायरीन ठहरे थे। अग्निकांड होने के बाद मंगलवार को बारातघर मालिक जफर अली ने वहां लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की तो सामने आया कि चार अंजान युवक बारातघर में पर्दे के पीछे से निकले थे। इसके कुछ ही देर बाद वहां आग की लपटें निकलने लगीं। जफर का आरोप था कि इन्हीं युवकों ने वहां आग लगाई। जफर ने एसपी देहात डॉ. सतीश कुमार से शिकायत की थी। एसपी देहात ने बारादरी पुलिस को जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए। हालांकि इंस्पेक्टर जांच के निर्देश मिलने से इंकार कर रहे हैं।
यह है पूरा मामला
तीन नवंबर की रात आला हजरत उर्स में शामिल होने आए करीब सात सौ जायरीन पैराडाइज बारातघर में रुके थे। इसी बीच रात करीब 11 बजे हॉल के एक कोने में पड़े गद्दों से लपटें उठने लगीं। उस समय अधिकांश जायरीन बड़े हॉल में बैठकर एलईडी पर इस्लामी जलसा का लाइव प्रसारण देख रहे थे। आग लगने से वहां भगदड़ मच गई। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई थी।