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क्लॉथ शोरूम मालिक को रेपिस्ट बताकर उल्टी फंसी नौकरानी

Sun, 08 Jul 2018 12:40 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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सिविल लाइंस स्थित बांबे डाइंग क्लॉथ शोरूम के मालिक पर रेप की रिपोर्ट लिखवाने वाली दुष्कर्म पीड़िता को शनिवार को कोर्ट में बयान कराने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक शोरूम मालिक पर रेप की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली पीड़िता दरअसल प्रेमनगर पुलिस के रिकार्ड में वांछित ब्लैकमेलर पिंकी है। दो साल पहले पिंकी के खिलाफ थाना प्रेमनगर में ब्लैकमेल करके अवैध वसूली करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अब कोतवाली पुलिस युवती को जेल भेजने की तैयारी में है।
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कर्मचारीनगर की रहने वाली 32 वर्षीय महिला ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 जून को संदीप सिंह बग्गा के क्लॉथ शोरूम पर वह सफाई करने गई थी। आरोप है कि शाम करीब छह बजे संदीप ने उससे शोरूम का ऑफिस साफ करने के लिए कहा और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो संदीप और नौकरानी शोरूम के ऑफिस के केबिन में सात मिनट 32 सेकेंड एक साथ मिले थे। मंगलवार को मामले की जांच सीओ सिटी कुलदीप कुमार को सौंपे जाने के बाद एफआईआर में एससी/एसटी की धारा का इजाफा किया गया था।

दो साल में नहीं मिली, आठ दिन में खोज निकाला
अमूमन दुष्कर्म के मामलों में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेजती है, लेकिन एक बड़े व्यवसायी से जुड़े मामले में पुलिस ने उल्टी दिशा में खास तेजी दिखाई। थाना प्रेमनगर की वांछित जिस पिंकी को पुलिस दो साल में नहीं तलाश सकी, उस वांछित पिंकी का व्यवसायी पर रेप का आरोप लगते ही सिर्फ आठ दिनों में लिंक जुड़ गया। अब पुलिस का दावा है कि ब्लैकमेलर पिंकी उसके कब्जे में है।
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रेलवे कर्मी ने दर्ज कराई थी लखपत-पिंकी पर रिपोर्ट
गांधीपुरम के रहने वाले उमाकांत रेलवे कर्मचारी हैं। उन्होंने 16 मई 2016 को प्रेमनगर थाने में तहरीर सौंपकर वकील लखपत और पिंकी के खिलाफ नौकरी मांगने के लिए घर आने और फिर फोन करके दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने का झांसा देकर पांच लाख मांगने के आरोप लगाए थे। पिंकी वाल्मीकि और वकील लखपत सिंह के खिलाफ 19 मई 2016 को रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बाद लखपत तो अरेस्ट स्टे लेकर आया, लेकिन पुलिस पिंकी को तलाश नहीं सकी थी। इस केस में जुलाई 2016 में चार्जशीट लगकर कोर्ट चली गई थी।

मुझसे रेप हुआ और मुझे ही फंसा दिया
महिला थाने में पिंकी से मुलाकात करने पर उसने कहा कि मेरे साथ दुष्कर्म हुआ है। मेरे खिलाफ गलत आरोप लगाए गए हैं। लखपत सिंह के बारे में पूछने पर उसने बताया कि एक साल पहले राशन कार्ड बनवाने के दौरान उससे मुलाकात हुई थी। उसकी फोटो भी उस वक्त ली गई थी। युवती से पूछा कि पुलिस के मुताबिक लखपत ने दो लाख नगद लिए हैं, उसने इंकार करते हुए कहा कि मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता। पुलिस मुझे गलत फंसा रही है।

सीसीटीवी से मिले सुराग के जरिये पिंकी तक पहुंचने का दावा
सीओ कुलदीप के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में केबिन से बाहर निकलती दिख रही लड़की के सामान्य व्यवहार से शक हुआ। युवती चिल्लाई नहीं और फुटेज में उस दिन का मेहनताना लेकर जाती नजर आई। इसके बाद युवती के बारे में मालूम करने पर लखपत सिंह का नाम सामने आया। लखपत पर दर्ज पुराने मामले ढूंढे गये तो प्रेमनगर में दर्ज एफआईआर तक पहुंचे। इसमें पिंकी वाल्मीकि भी नामजद थी। केस के वादी उमाकांत को बुलाकर शिनाख्त कराई गई तो उसने युवती को पहचाना है। युवती के हाथ पर बने क्रास के निशान की तस्दीक भी उमाकांत ने की है।
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