बदायूं। सचिवालय में नौकरी दिलाने के बहाने बदायूं के 13 लोगों समेत बरेली मंडल के काफी लोगों से तीन साल पहले लाखों रुपये ठगने दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। इनमें से एक लखनऊ का रहने वाला है, वह गिरफ्तार हुए साथी से मिलने शनिवार शाम यहां आया था।
हिरासत में लिए गए लोगों में लखनऊ के इंदिरा नगर निवासी राजेश कुमार और शहर के मोहल्ला जालंधरी निवासी राशिद शामिल हैं। दोनों कोई कामकाज नहीं करते हैं। पुलिस के मुताबिक राशिद तो कई बार भुक्तभोगियों के हाथ चढ़ा, मगर वह राजेश पर टाल देता था। शनिवार शाम राजेश के बदायूं में राशिद के घर आने की बात इन लोगों को पता चल गई। इसके बाद सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में गौरी शंकर मंदिर के नजदीक रहने वाले दहगवां के बीडीओ राजेंद्र सिंह यादव के बेटे अनंत यादव ने पुलिस को तहरीर दे दी। इन दोनों ने वर्ष 2016 में अनंत से सात लाख और उसके चचेरे भाई प्रखर से साढ़े नौ लाख रुपये लिए थे। अन्य 11 लोगों से कुल 49 लाख रुपये लेकर उनकी नौकरी सचिवालय में लगवाने की बात कही थी, इनमें पीलीभीत का संजीव पाल भी शामिल है।
आजकल की बात कहकर टालने के बाद धीरे-धीरे सबसे राजेश और राशिद ने यह कहना शुरू कर दिया था कि उनकी नौकरी नहीं लग सकती। रकम वापस मांगने पर सभी को चेक दिये जो बाउंस हो गए। जब लोगों ने विरोध किया तो झांसा देते हुए शपथपत्र तक दे दिया, जिस पर दो-चार दिन में रुपये लौटने का वायदा किया। इसके बावजूद दोनों ने रुपये नहीं लौटाए। रविवार को तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने छापा मारकर दोनों को दबोच लिया। इंस्पेक्टर कोतवाली ओमकार सिंह ने तहरीर मिलने और राशिद व राजेश के हिरासत में होने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।