बरेली। आलमगीरीगंज के एक सर्राफ पर ग्राहकों के गिरवीं रखे लाखों के जेवर हड़पने का आरोप है। रिठौरा के एक ज्वैलर्स ने कोतवाली में आरोपी सर्राफ और उनकी पत्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट डीएम के निर्देश पर दर्ज हुई है।
हाफिजगंज थाना क्षेत्र के रिठौरा निवासी मोहम्मद आसिफ की वहीं कस्बे में सोने-चांदी की दुकान है। आसिफ के मुताबिक उनके ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से सोने-चांदी के जेवर गिरवीं रखने आते थे, लेकिन छोटा कारोबार होने की वजह से वह नहीं रख पाए। उन्होंने ग्राहकों की मदद के लिए शहर के आलमगीरीगंज निवासी सर्राफ गोपाल अग्रवाल से बात की। बातचीत तय होने पर आसिफ ने अपने ग्राहकों के जेवर गोपाल अग्रवाल के पास गिरवीं रखवाने लगे। ब्याज भी गोपाल अग्रवाल ही लेते थे। धीरे-धीरे उनके पास करीब 60 लाख 25 हजार के जेवर पहुंच गए। आरोप है कि नोटबंदी के दौरान सर्राफ गोपाल अग्रवाल जेवर लौटाने से टालमटोल करते रहे। ज्यादा करने पर उन्होंने सोने-चांदी के जेवर लौटाने से साफ इनकार कर दिया। इससे आसिफ मानसिक तनाव में आ गए। उधर, उन्हें जेवर गिरवीं रखने वाले ग्राहक परेशान करने लगे। कुछ लोगों ने मारपीट भी की। तंग आकर आसिफ ने अपना मकान सस्ते में बेचकर कुछ लोगों को रुपये दे दिए। मगर अभी काफी लोगों को कर्जा देना बाकी है। आसिफ के मुताबिक मानसिक तनाव के चलते वह और उनका परिवार आत्महत्या के कगार पर पहुंच गया। उन्होंने इसकी शिकायत डीएम से की डीएम के निर्देश पर शनिवार को कोतवाली में गोपाल अग्रवाल व उनकी पत्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।