बरेली। सूफीटोला के बालक अजहर की हत्या उसी के हमउम्र किशोरों ने की थी, यह बात लगभग साबित हो गई है। पुलिस ने तीन किशोरों को हिरासत में लेकर स्थिति काफी हद तक साफ कर दी है। हालांकि वजह को लेकर अभी संशय है। पुलिस उनसे पूछताछ कर सच्चाई जानने की कोशिश कर रही है।
कारचोबी कारीगर रईस अहमद का 12 वर्षीय बेटा अजहर मंगलवार रात गली के बाहर बरातघर में पड़ोसी इस्लाम की शादी में दावत खाने गया था। बुधवार सुबह बहन मुस्कान को उसका शव बुखारपुरा में मजार के सामने खाली प्लॉट में गोबर के ढेर के नीचे दबा मिला। इस मामले में बारादरी के नए इंस्पेक्टर गीतेश कपिल के साथ जगतपुर चौकी प्रभारी अशोक कुमार घटना के खुलासे में लगे थे। इस बीच पुलिस को क्लू मिला कि लड़कों के समूह को अजहर के आसपास देखा गया था। ये लड़के अजहर से थोड़े बड़े और स्थानीय ही हैं जो गलत सोहबत में बताए जाते हैं। पुलिस ने लड़कों को पकड़ा और थाने ले आई। देर रात तक इनसे पूछताछ हो रही थी। सूत्रों के मुताबिक लड़कों ने झगड़े के बाद हत्या की बात कबूल कर ली है। असली वजह अभी पुलिस नहीं जान सकी है।