बरेली। भुता के गूंगा गांव में छह जून को हुई किसान लालता प्रसाद की हत्या किसी और ने नहीं, उसके सगे भाई ने ही कराई थी। संपत्ति के लालच में उसने लालता के दुश्मन के साथ मिलकर दो सुपारी किलर के जरिए वारदात को अंजाम दिया था। भाई समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने इस खेल का पर्दाफाश कर दिया है। एक आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर है।
बड़े भाई सुमेरीलाल की बाइक पर पीछे बैठकर बरेली से गांव जा रहे लालता प्रसाद की गुरुवार को पांच गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। जबकि हमले में सुमेरी को खरोंच भी नहीं आई थी। सुमेरी वादी बनकर रिपोर्ट कराने भी थाने पहुंच गया और तहरीर दे दी। मौके पर पहुंचे एसपी देहात डॉ. संसार सिंह और एसपी क्राइम रमेश भारतीय को उस पर तभी शक हो गया था। अधिकारियों ने लालता की पत्नी रामवती से तहरीर लेकर शक के आधार पर गांव के ही रविंद्र सिंह और उसके दो अज्ञात साथियों पर रिपोर्ट कराई थी। सर्विलांस से पुलिस को पता लगा कि घटना से पहले सुमेरी की रविंद्र से मोबाइल पर बात हुई थी। रविंद्र दो महीने पहले लालता प्रसाद की हत्या की कोशिश में नामजद होने के बाद से गिरफ्तार नहीं हो सका था। ये तथ्य सामने आने के बाद पुलिस ने सुमेरी पर सख्ती दिखाई तो उसने सच उगल दिया। सुमेरी के बताने पर पुलिस ने रामपुर के थाना शाहबाद अंतर्गत गांव नरेंद्रपुर निवासी नन्हेलाल और कुसुमनगर थाना इज्जतनगर के राजेश गंगवार को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि लालता की हत्या कराने के लिए सुमेरीलाल ने रविंद्र के जरिये इन दोनों से दो लाख रुपये का सौदा किया था। सुमेरी ने उस दिन कचहरी पर रविंद्र को बुलाया था। भाई लालता पर होली के वक्त हुए जानलेवा हमले के मामले में इन लोगों ने मौखिक फैसला भी कर लिया। गांव लौटते वक्त लालता की हत्या कर दी गई।
हत्या के पीछे ये था कारण
शनिवार को एसपी देहात की प्रेसवार्ता के बाद सुमेरी समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। एसपी देहात ने बताया कि लालता की दो बेटियां ही थीं। उनकी शादी के लिए उसे रुपयों की जरूरत थी। उसने सड़क किनारे की तीन बीघा जमीन का सौदा किया था। खरीदने वाले ने पूरी नौ बीघा जमीन लेने की इच्छा जताई तो लालता ने बाकी दोनों भाइयों से भी उनके हिस्से की जमीन का बैनामा करा दिया। इसके बदले लालता ने अपने दूसरे खेतों की तीन-तीन बीघा जमीन दोनों भाइयों के नाम कर दी। भाइयों ने जमीन का दाखिल खारिज होने तक जमानत के तौर पर चार-चार लाख रुपये भी लालता से ले लिए थे। पुलिस के मुताबिक सुमेरी को लालता की हत्या से चार लाख रुपये न लौटाने के साथ ही तीन बीघा जमीन का लालच भी था। इसके अलावा वो यह भी चाहता था कि लालता की मौत के बाद वह नौ बीघा खेत का दाखिलखारिज भी रुक जाएगा तो ये जमीन भी उसे मिल जाएगी।