बरेली। बाइक ओवरटेक करने से बौखलाए दरोगा ने जाट रेजीमेंट सेंटर के गेट पर ही फौजी को पीटकर न सिर्फ लहूलुहान कर दिया बल्कि कार में डालकर चौकी ले जाने की कोशिश की। पहले तो फौजी माफी मांगता रहा लेकिन दरोगा ने नहीं सुनी तो उसने भी जमकर धुनाई लगाई। करीब आधा घंटा तक हाइवे पर चले हंगामे के बीच फौजी का आईडी कार्ड गिरा तो दरोगा को उसके फौजी होने का यकीन हुआ। तब तक अन्य फौजी भी इकट्ठे होने लगे तो दरोगा माफी मांगकर वहां से रफूचक्कर हो गया।
भरतौल निवासी फौजी अनूप कुमार गुप्ता अरुणाचल प्रदेश में तैनात है और इन दिनों अवकाश पर आया है। शनिवार दोपहर भरतौल निवासी साथी अतुल सिंह के साथ पार्टी के बाद दोनों घर लौट रहे थे। इसी दौरान श्यामगंज चौकी इंचार्ज अशोक कुमार मित्र के साथ बाइक से फरीदपुर जा रहे थे। शाहजहांपुर रोड पर गरुड़ द्वार और फिर गरुड़ डिवीजन के पास फौजी ने तेज रफ्तार में चौकी इंचार्ज की बाइक दो बार ओवरटेक की। इससे उनका पारा चढ़ गया। फौजी और चौकी इंचार्ज सादा कपड़ों में थे, इसलिए एक-दूसरे को पहचान नहीं सके। इसके बाद चौकी इंचार्ज ने फौजी और उसके साथी को अपने मित्र के साथ पीटना शुरू कर दिया। फौजी अपना परिचय देकर माफी मांगता रहा लेकिन वे पीटते रहे। इससे फौजी के मुुंह से खून निकलने लगा और फिर उसने चौकी इंचार्ज और उसके साथी को पीटना शुरू कर दिया। इस पर चौकी इंचार्ज ने एक कार रुकवा ली और फौजी को चौकी ले जाने लगे। आसपास के तमाम फौजी भी वहां जमा हो गए। इसी बीच फौजी का कैंटीन आईडी कार्ड जेब से गिरा, जिसे देख चौकी इंचार्ज बैकफुट पर आए और माफी मांगकर वहां से निकल लिए।
फौजी सादा कपड़ों में नशे में धुत था। लहराते हुए दो बार बाइक ओवरटेक की। मैं भी सादा कपड़ों में ही था, इसलिए एक-दूसरे को पहचान नहीं सके। उसने खुद को फौजी बताया लेकिन हाव-भाव नशेड़ियों जैसा था। चौकी चलने से मना किया तो गुस्सा आ गया। आईडी कार्ड देखने के बाद मैंने उससे माफी भी मांग ली। - अशोक कुमार, चौकी इंचार्ज, श्यामगंज