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एनआरआई ने कहा- सही काम कर रहे विवेचक, परेशान न करें अफसर

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बरेली। संपत्ति विवाद में हुई चाकूबाजी में घायल एनआरआई कृषि वैज्ञानिक डॉ. आफताब आलम और उनकी पत्नी अजमत आरा बिथरी थाने के एसएसआई की विवेचना से संतुष्ट हैं। उन्होंने एडीजी और एसएसपी को मेल करके कहा है कि कार्रवाई की आशंका में पूर्व विवेचक आरोपी पक्ष को उकसाकर विवेचना प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। गवाहों को धमकाकर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
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पुराना शहर के मूल निवासी एवं न्यूयार्क में रह रहे संयुक्त राष्ट्र संघ के पूर्व सलाहकार डॉ. आफताब आलम पर 2017 में बरेली आने के दौरान संपत्ति विवाद में चाकू से हमला हुआ था। वह छह लोगों पर रिपोर्ट लिखाकर चले गए। बारादरी थाने के दरोगा रविंद्र कुमार ने मेडिकल साक्ष्य, गवाह, कॉल डिटेल समेत तमाम पहलुओं को दरकिनार कर कुछ दिन बाद ही एफआर लगा दी। एनआरआई ने एडीजी से शिकायत की तो बिथरी थाने के एसएसआई मनोज वर्मा ने दोबारा जांच शुरू कर ने एनआरआई की आरोपी बहन और भांजे को जेल भेज दिया। साक्ष्यों के आधार पर वे घटना को चार्जशीट की ओर ले जा रहे हैं। एनआरआई का कहना है कि अब जांच ठीक चल रही है, लिहाजा अफसर विवेचक को परेशान न करें।

एसपी सिटी ने दोनों विवेचकों के कसे पेंच
एसपी सिटी अभिनंदन सिंह ने रिकार्ड के साथ दोनों विवेचकों को तलब किया था। पूर्व विवेचक रविंद्र सिंह का कहना था कि तथ्यों के आधार पर उन्होंने केस को खत्म किया है। वहीं, नए विवेचक मनोज वर्मा का कहना था कि पिछली विवेचना पूरी तरह तथ्यहीन और जल्दबाजी में की गई थी। एसपी सिटी ने बताया कि अगर वाकई चार्जशीट का मामला बना तो पूर्व विवेचक पर कार्रवाई होगी। नए विवेचक को भी बता दिया है कि पुलिस किसी दबाव में जांच की दिशा तय नहीं करेगी।
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