पूरनपुर (पीलीभीत)। खेत में धान की फसल खड़ी रही और लेखपाल ने बिना सत्यापन किए किसान के खिलाफ पराली जलाने की एफआईआर करा दी। किसान की शिकायत के बाद तहसीलदार ने जांच कराई तो मामला खुलकर सामने आ गया। इसके बाद लेखपाल को निलंबित कर दिया गया। पुलिस ने विवेचना कर साक्ष्य के आधार पर मामला गलत पाए जाने पर एफआईआर में फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। उधर, लेखपाल खुद पर हुई निलंबन की कार्रवाई के बाद हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गया है। उसकी ओर से दाखिल की गई रिट में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने अपना जवाब प्रमुख सचिव गृह को भेज दिया है।
पराली जलने को लेकर इस बार अफसर और कर्मचारी परेशान रहे। किसानों पर एफआईआर दर्ज की गईं, जुर्माना वसूला और कुछ किसानों को जेल जाना पड़ा। हल्का लेखपाल राजेश मिश्र ने गांव कजरी निरंजनपुर के किसान संतोष सिंह के खिलाफ 20 अक्तूबर को एफआईआर दर्ज कराई थी। बताया था कि 19 अक्तूबर को संतोष सिंह ने अपने खेत पर पराली जलाई। दो दिन बाद इस मामले की शिकायत किसान ने तहसीलदार पूरनपुर से की। बताया कि उसके खेत पर फसल खड़ी है, फिर उसने पराली कैसे जला दी। इस पर टीम को मौके पर भेजकर तहसीलदार ने जांच कराई गई तो मामला कुछ और ही निकला। गांव में चार स्थानों पर पराली जलाए जाने का प्रमाण मिला, लेकिन संतोष सिंह के खेत पर फसल खड़ी थी। जबकि आसपास जहां पराली जली, संबंधित किसानों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया था। इसकी रिपोर्ट तहसीलदार ने एसडीएम को भेजी और फिर अन्य अधिकारियों को भी अवगत कराया। इसके बाद लेखपाल राजेश मिश्र को निलंबित कर दिया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना की और दर्ज एफआईआर में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इधर, निलंबित लेखपाल ने खुद पर हुई कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर दी। रिट दाखिल करने के बाद स्थानीय अधिकारियों से प्रमुख सचिव गृह ने जवाब तलब किया। इस पर सभी ने लेखपाल के गलत तरीके से किसान पर कराई गई कार्रवाई का हवाला देते हुए जवाब भेज दिया है।
- लेखपाल की ओर से किसान के खिलाफ पराली जलाने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचना में यह बात साफ हो गई है। किसान पर दर्ज एफआईआर में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई है। - खीम सिंह जलाल, इंस्पेक्टर, थाना सेहरामऊ उत्तरी
लेखपाल ने गलत रिपोर्ट किसान के खिलाफ लिखवाई थी। इस पर उसे पहले ही निलंबित कर दिया गया है। लेखपाल कोर्ट की शरण में गया है, यह जानकारी मिली है। उसने लापरवाही बरती थी, इसी के तहत कार्रवाई हुई है। - चंद्रभानु सिंह, एसडीएम
ये हुई है पराली को लेकर कार्रवाई
- 134 एफआईआर जिले भर में हुई पंजीकृत।
- 777 किसानों को भेजे गए नोटिस।
- 20.37 लाख रुपये किया गया जुर्माना।
- 12.73 लाख रुपये जुर्माना की हुई वसूली।
- 31 लेखपालों पर हुई निगरानी में लापरवाही पर कार्रवाई।
- 02 थानाध्यक्षों का भी किया गया स्थानांतरण।