बिलसंडा(पीलीभीत)। मंगलवार शाम पेट्रोल पंप मालिक राजन तिवारी से 11.40 लाख रुपये लूटे जाने की सूचना ने हलचल मचा दी। मगर पुलिस की जांच बढ़ने के साथ ही मामला संदिग्ध होता चला गया। छानबीन के बाद सच सामने आने में देरी नहीं लगी। रात को साफ हो गया कि निगोही (शाहजहांपुर) के एक अन्य पेट्रोल पंप मालिक से चल रहे 11 लाख रुपये की उधारी से बचने के लिए राजन तिवारी ने लूट का ड्रामा किया।
बिलसंडा थाना क्षेत्र के मानपुर बंडा गांव निवासी राजन तिवारी का इंद्र फिलिंग स्टेशन के नाम से निगोही रोड पर पेट्रोल पंप है। उन्होंने मंगलवार शाम को पुलिस को बताया कि वह पूरनपुर से एक राइस मिल मालिक से 11.40 लाख रुपये लेकर लौट रहे थे। निगोही मार्ग पर स्विफ्ट कार सवार बदमाशों ने मरेना गांव के पास चलती कार पर फायर किया। इससे कार का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद भी जब उन्होंने अपनी कार नहीं रोकी तो बदमाशों ने ओवरटेक कर रोक लिया और कार में रखे 11.40 लाख रुपये लूट लिए। इसके बाद नशा लुटेरे उन्हें सुंघाकर निगोही की तरफ भाग गए। बाद में राहगीरों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
घटना शुरू से पुलिस के गले नहीं उतरी। एएसपी रोहित मिश्र, सीओ प्रवीण मलिक मौके पर गए। शाहजहांपुर पुलिस को भी अलर्ट कर दिया। इसमें स्विफ्ट कार को पकड़ने के लिए कहा गया। इधर स्वाट टीम भी लगा दी गयी। पुलिस को छानबीन के दौरान रुपये के लेनदेन की बात पता लगी। यह सामने आया है कि राजन तिवारी ने शाहजहांपुर के पेट्रोल पंप व्यापारी से कुछ समय पूर्व 11 लाख रुपये उधार लिए थे। इस रकम को उन्हें मंगलवार को वापस करना था। इससे बचने के लिए लूट की घटना की सूचना दे दी।
उधर चेकिंग के दौरान शाहजहांपुर की निगोही थाना पुलिस ने स्विफ्ट कार पकड़ ली। इसमें निगोही के उसी पंप मालिक का मुंशी और चालक सवार मिले जिसे राजन को उधार की रकम लौटानी थी। मुंशी और चालक के पास तीन लाख रुपये भी मिले। निगोही पुलिस ने उन्हें लुटेरे ही समझकर बिलसंडा पुलिस के सुपुर्द कर दिया। फिर जांच के बाद लूट की पूरी कहानी साफ हो गयी। सीओ ने बताया कि उधार के रुपये को लेकर लूट की फर्जी घटना बनाने की बात निकली है। काफी हद तक पूरा मामला स्पष्ट कर लिया है।