दूसरी गर्लफ्रेंड से शादी का विरोध करने पर छात्रा को फेंकने के आरोपी सिपाही गौरव टाइटलर के माता-पिता उसकी मां पर उनके मकान मालिक के जरिये समझौते का दबाव बना रहे हैं। लड़की की मां ने खुद ये बात बताई और साफ कहा कि समझौते का कोई सवाल ही नहीं।
बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती उझानी (बदायूं) की छात्रा को अब अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी वार्ड से जनरल वार्ड में भर्ती कर दिया है। लड़की की मां ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण ही उसकी पुत्री को जनरल वार्ड में एडमिट किया गया है। उसने बताया कि अब तक जितना पैसा था, वह उपचार में लगा चुकी है। अब पैसे का संकट खड़ा हो गया है। महिला ने बताया कि जेल में निरुद्घ सिपाही गौरव अपने माता-पिता के माध्यम से उसके मकान मालिक के जरिये समझौते का दबाव बनवा रहा है। महिला ने साफ कहा कि सिपाही से समझौते का सवाल ही नहीं उठता है, उसने पुत्री की जिंदगी बर्बाद की है।
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रिश्तेदार अफसर का गनर था तभी आया घर
महिला ने बताया कि उझानी में तैनात रहे एक अफसर उसके रिश्तेदार हैं। सिपाही गौरव टाइटलर उनका गनर था। एक बार वह उन्हीं के साथ घर आया था, इसके बाद वह कभी नहीं आया। महिला ने बताया कि न ही उसे यह जानकारी थी कि सिपाही उसकी पुत्री को झांसा दे रहा है, अगर ऐसा होता तो वह खुद उससे निपट लेती।